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|| कहते हैं कुवां,खोदा जाताहै दूसरों के लिए,गिरते खुद || लोकाचार की यह कथा है की लोग कुवां दूसरों को गिरने या गिराने के लिए खोदते हैं किन्तु गिरते वह

Mahender Pal Arya 11 November 2015 • Delhi • ऋषि दयानन्द का अनुसरण ही राष्ट्र को दिशा दे सकता है | ====================================== यह विचार मेरे द्वारा आज आर्य केंद्रीय सभा

||कौन थे ऋषि दयानन्द,जिन्हें लोग नहीं जानते || 1824 में गुजरात प्रान्त के एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे बच्चे का नाम मूलशंकर रखा गया.था, माता पिता ने बड़े यत्न के

|| भारत में इसलाम को ले कर आया सूफीवाद ने || भारत के लोगों का भोलेपण कहें अथवा उदारवादिता कहें, इसीसे भारत में इस्लाम को जन्म दिया | कुछ गिने

ऋषि की तुलना किनसे की जाये? भारत में अनेकों महापुरुषों ने जन्म लिया,धार्मिक सामाजिक,या राजनीतिक,और सबने सुधार का ही काम किया | सबने अपने अपने हिसाब से काम किया है

दुनिया वालों इसे कहते हैं सत्य का विजय | आप लोगों ने मेरे डाला हुवा वीडियो को सेन चुके हैं, मेरे विचारों को सुन कर इसलाम और ईसाई मत के

|| मनुष्यमात्र का एक ही मानव जाती || परमपिता परमात्मा ने अपनी सृष्टि में मानव नाम का एक प्राणी बनाया, जिसमें धरती के सभी मानव है | अन्य जितने भी

https://t.co/cDk08DKM07 via @YouTube मुझे मार देने से मेरे विचारों को मार देना संभव नहीं होगा मारने या गाली देना समाधान नहीं है मेरे किये गये सवालों का जवाब देना ही

Wasim Ahemed22 hours agoHighlighted reply Mahender Pal Arya… 1no sawal se 4no sawal ap ka matlab ek hi hai.. ..AP KO PEHLE BHI BATA CHUKA INSAN OR JIN KO ALLHA

जाहिलों की गाली मुझे सत्य बोलने से रोक सकता है ? भले ही गंवारों से मैं गाली सुन रहा हूँ, जिनको सत्य से दुश्मनी है वह सत्य को क्यों सुनें


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मौलाना साजिद रशीदी को पंडित महेंद्र पाल आर्य जी के द्वारा जवाब और इस्लाम पर डिबेट का चैलेंज

मुस्लिम नरनारी तीन तलाक के विरोध में कोलकता से दिल्ली तक |

वेद ही ईश्वरीय ज्ञान क्यों वेद में मिलावट संभव क्यों नहीं ?

कुवां अन्य के गिरने को खोदते हैं लोग, गिरते खुद है |

दुनिया वालों बाईबिल में अकल का प्रयोग हुवा या नहीं देखें |

ऋषि दयानन्द का अनुसरण ही राष्ट्र को दिशा दे सकता है |

ईश्वरीय ज्ञान की कसौटी पर डॉ0 जाकिर नाईक के पुस्तक का दिया गया जवाब | VDO

कौन थे वह ऋषि जिन्हीं ने मानव मात्र को 5 महायज्ञ करना बताया |

कौन थे वह ऋषि दयानन्द जिन्हें लोग नहीं जानते ?

बंगला भाषियों के प्रार्थना पर धर्म और मत में भेद को बताया गया, बंगला में =

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