अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान में धर्म की आवश्यकता एवं तार्किकता =में पण्डित महेन्द्रपाल आर्य की धाक

14 अक्टूबर 18 को बौद्ध अंतर्राष्ट्रीय शोध संस्थान, गोमती नगर लखनऊ में, Ex, IAS, श्री डॉ० कमल टावरी जी की अध्यक्षता में एक सभा का आयोजन. इ०श्रीमती कान्ति कुमार, डॉ० शीला टावरी, अक्षय भाई जी जैसे Ex NBCB के संयोज्कत्व में हुवा |
 
विषय था, वर्तमान परिपेक्ष्य में धर्म की आवश्यकता, एवं तार्किकता |\
वक्ता {1} प० महेन्द्रपाल आर्य = राष्ट्रिय प्रवक्ता =अखिल भारतीय राजार्य सभा|
वक्ता {2} इ० प्रभु नारायण जी =अध्यक्ष =राष्ट्रिय मालवीय मिशन |
वक्ता {3} सरदार मनजीत सिंह =राष्ट्रिय मंत्री राष्ट्रिय सिख संगत =नई दिल्ली |
वक्ता {4 } श्री भदन्त शांति मित्र =अध्यक्ष =अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान | वक्ता {5} मौलाना यासूब अब्बास =प्रवक्ता =आल इंडिया शिया परसनल लॉ बोर्ड | वक्ता {6} पास्टर विरेंद्र सिंह =पादरी =डालीबाग चर्च, डालीबाग, लखनऊ | वक्ता {7} डा0 मिर्जा शफीक सफक =चेयरमैन =आल इंडिया खैबर शिकन एकेडेमी | {8} श्री पी0 के0 जैन =अध्यक्ष =दिगम्बर जैन सेवा संस्थान, लखनऊ |
इन सब की उपस्थिति में पण्डित महेन्द्रपाल आर्य ने प्रमाणिकता के साथ सबको जवाब देते हुए मानव मात्र का एक ही धर्म है वैदिक को सिद्ध किया अपने विचारों से श्रोताओं को मन्त्र मुग्ध किया |
 
महेन्द्रपाल आर्य के विचारों को सुनकर अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के अध्यक्ष श्री भदन्त शान्ति मित्र जी ने | अपनी सभागार को प्रत्येक महीने के एक रविबार में आर्य लोगों की इस प्रकार कार्यक्रम के लिए स्वीकृति दे दी निः शुल्क |
इस कार्यक्रम की सब से बड़ी उपलब्धि रही, यही ऋषि दयानन्द का दिग्बीजय है | संलगन विडिओ तथा पत्रक को देखें | धन्यवाद के साथ महेन्द्रपाल आर्य =17 =19 2018