अफगानी मुसलमानों को भारत में बसाना खतरा है ||

अफ़गानिस्तान के मुसलमानों को भारत में बसने क्यों दिया जाय ?
भारत सरकार जब कानून लाई जिसे सी, ए ,ए , कहा गया जिसमें यह उल्लेख है की अफ़गानिस्तान, पाकिस्तान, और बांग्लादेश, के जो हिन्दू उन देशों में मुसलमानों द्वारा प्रताड़ित हो रहे हैं निरंतर भारत सरकार उन हिन्दुओं को शरण देगी |
इस कानून का विरोध भारत में रहने वाले मुसलमान इस लिए करते रहे की उस देश के मुसलमानों को भी बसाना होगा,यही तो दिल्ली का शाहीन बाग़ था | भारत के मुसलमान जो पहले से चाह रहे हैं की किसी भी देश का मुसलमान भारत में बसे और भारत का नागरिकता उन्हें मिले वही काम अगर भारत सरकार खुद करे तो फिर सरकार का कानून बनाना क्या हुआ ?
भारत सरकार अगर यही करती है की अफगानी मुसलमानों को अगर भारत में बसाती है तो यह भारत फिर भारत नहीं रहेगा इस भारत को फिर एक इस्लामिक देश बनने देना ही पड़ेगा कोई रोक नहीं सकता |
अगर मोदी सरकार अफगानी मुसलमानों को भारत में बसाती है तो भारत के हिन्दुओं के साथ विश्वास घात होगा, भारतीय हिन्दुओं का इसका विरोध करना चाहिए की किसी भी प्रकार यह सहन नहीं किया जायगा और अफगानी मुस्लिमों को इस देश का नागरिकता नहीं मिलना चाहिए |
कुछ अफगानी मुसलमान दिल्ली में रहते हैं जिनका धरना प्रदर्शन चल रहा है दिल्ली में इन्हीं बातों को लेकर की अफगानी मुसलमानों को इस देश में शरण दिया जाये उन्हें नागरिकता दी जाय |
यह बिलकुल नहीं होनी चाहिए यह भारत के लिए सिरदर्द बनेगा ही कोई रोक नहीं सकता | हिन्दुओं को गम्बिरता से इसपर विचार करना चाहिए |
ममता बनर्जी अगर बंगलादेशी मुसलमानों को पश्चिम बंगाल में बसाती है, इसका विरोध फिर भारत सरकार क्यों करती है ? वही काम अगर मोदी सरकार भी करने लगे तो ममता बनर्जी का विरोध कैसे कर पायेगी सरकार ?
महेन्द्र पाल आर्य 25 /8/21