अब तो कश्मीरी पण्डितों का उद्धार हो |

|| अब तो कश्मीरी पण्डितों का उद्धार हो ||
कश्मीर समस्या नेहरु का देंन है, कश्मीर नरेश उनदिनों में नेहरु को बंदी बनाया था तीन दिन के बाद छोड़ा | नेहरु की देंन है जो आज कश्मीरी पंडितों को अपने ही देश में शरणार्थी बनना पड़ा यह दुर्व्यवहार मात्र नेहरु के कारण ही उन कश्मीरी पंडितों को अपनी जमींन जायदाद और सब कुछ लुटा है |

माताओं पर ना जाने दरिंदों ने कितना अत्याचार किया अनेकों को मौतों के घाट उतार दिया गया, और अनेकों के साथ जबरदस्ती की गई, फिर ज्यादा तर महिलाओं को अपने घर रख कर मुसलमान बना लिया गया | आज तक वह कश्मीरी भूल भी नहीं पाए और ना वह दर्द मरते दम तक भूल पाएंगे |

यह सारा तांडव उन लोगों के साथ हुवा मात्र नेहरु के कारण ही,मोहन दास करम चंद गाँधी मूक दर्शक बने रहे | विरोध करने वालों में सरदार बल्लभ भाई पटेल ही एक मात्र नेता थे | जिन मोहनदास गाँधी को आज राष्ट्र पिता कहा जाता है क्या यही पिता का कार्य था की अपने देश के संतानों को घर से निकलकर बंजारा बनने देते | यही पिता कहलाने वाले थे या पिता कहलाने वाले ऐसे होते हैं ?

पूर्वी पाकिस्तान से जो हिन्दू अत्याचारित हो कर माँ बहनों की इज्ज़त लुटवा कर वह लोग भारत में आ पहुँचे | जो उन कश्मीरियों के साथ हुवा ठीक उसी प्रकार देश भाग होने पर पूर्वी पाकिस्तानी हिन्दुओं के साथ यही हुवा बड़ी लम्बी कहानी है | उस समय भी यही गाँधी ने नोवाखाली में हिन्दुओं का कत्लेआम कराया था | यह उनको अधिकार था कारण वे राष्ट्र पिता जो थे |

यह हिन्दुओं पर अत्याचार मुगल काल में जिस प्रकार हुवा ठीक उसी प्रकार भारत गुलामी के जंजीरों से निकलने के बाद भी हुवा | इन हिन्दुओं के साथ अत्याचार सिर्फ और सिर्फ गाँधी और नेहरु के कारण ही हुवा था |

फिरभी पूर्वी बंगाल के जो हिन्दू भारत के शरण में आ गये उन्हें तो भारत के विभिन्न प्रान्तों में जमींन देकर बसाया | इसी भारत में प्रायः प्रान्तों में आप देख सकते हैं पूर्वी पाकिस्तान के हिन्दू बस रहे हैं |

मेरा सवाल यह है की जब पूर्वी पाकिस्तान से आये विस्थापितों को भारत सरकार ने विभिन्न प्रान्तों में बसाया, तो उन कश्मीरियों को क्यों नहीं बसा पाई भारत सरकार ? तब से लेकर अब तक वे कश्मीरी शरणार्थी ही बनी हुई क्यों हैं ? कौन दोषी है इसका उन लोगों पर अत्याचार के दोषी कौन है ? क्या जवाब है उन लोगों के पास जो गाँधी और नेहरु के साए में पलते रहे ?

अब मोदी सरकार को इसपर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उन कश्मीरियों को उनका घर वापस दिलाना चाहिए | जब आप गरीबों के घर बसा रहे हैं तो क्या यह कर्तव्य नहीं बनता की उन कश्मीरियों को उनके घर वापस दिलवाना ? कश्मीर वासियों को 370 और 35 A जैसी सुविधा को ख़तम करने का भी आसान तरीका यही है | उन कश्मीरियों को मुफ्त खाने की आदत बनी है सभी प्रान्तों के लोगों से टैक्स उसूल कर सरकार उन मुफ्त खोरों को किस लिए खिलाती है ? इसे फौरन बन्द कर ऐना चाहिए माननीय प्रधान मंत्री जी इसे गंभीरता से विचार करें और इस पर कार्यवाही करें |
धन्यवाद के साथ =महेन्द्रपाल आर्य = 27/5/19