अब मुश्किल है ईसाइयों का पाखण्ड का चलना |

अब मुश्किल है ईसाइयों का पाखण्ड का चलना |

धर्म प्रेमी सज्जनों हमारे भारत में मुसलमानों, और ईसाइयों ने अपनी सारा कारोबार कोई किसी को मुसलमान बनाने में, और कोई किसी को ईसाई बना कर किया है |
इसका मुख्य कारण क्या है शायद आप लोगों को पता नहीं, मुसलमान पहले इस देश में आये और अपना वर्चस्व कायेम किया, इस्लाम फैलाने को अरब से गिने चुने लोग ही आये थे, हमारे देश के गद्दारों के चलते ही राम मंदिर, कृष्ण जन्मस्थली, काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर अनेक बड़े बड़े मंदिरों को तोडा, केवल हिंदुओ की ही कमजोरी या इस देश के रहने वालों की ही गलती से सारा काम हुआ, जिसपर हिन्दू आज रो रहा है |

हिन्दू अपना हितैषी,कौन और शत्रु कौन है यह नहीं जान पाया आज तक, जिस कारण यह देश गुलाम बना मुसलमानों का | उसके बाद ईसाई लोग आये उन्हों ने भी ठीक इसी प्रकार अपना चमत्कार दिखा बता कर हलुलुया चिल्लाकर हिन्दुओं को ईसाई बनाया | जैसा हिन्दुओं को मुसलमानों ने मुसलमान बनाया, ठीक उसी प्रकार ईसाईयों ने हिन्दुओं को ईसाई आज तक बनाते आ रहे हैं |

इधर हिन्दुओं में अन्धविश्वास और कु संस्कार होने के कारण ही यह दोनों मत इस्लाम,और ईसाई भारत में फ़ैल गए, हिन्दुओं को ही शिकार बनाया गया | हिन्दू वेद को जानने का प्रयास नही किया जिस कारण ही यह दिक्भ्रमित हुए |

अगर यह हिन्दू राजा राममोहन राय से कुछ सिख लेते तो होती हिन्दुओं की रक्षा | ऋषि बन्किमचन्द्र से कुछ सीखते तो भी बात बनती | अगर विद्यासागर से सीखते तो भी चलता, अथवा अरविन्द से कुछ बातों को लेते तो भी वैदिक संस्कृति की रक्षा होती |

ऋषि अरविन्द ने ही बंगाल में आर्य नामी एक पत्रिका निकली थी, उससे भी विशेष कर बंगाल वासियों ने कुछ नहीं सिखा | पाखण्ड में फंस कर अपनी अंधविश्वास को छोड़ने के बजाय दुसरे अन्धविश्वास में, ईसाई और मुसलमान बनते चले गये | जिसका नतीजा आज सब के सामने हैं, मूर्ति पूजना तो अन्धविश्वास है ही, उससे बड़े अन्ध विश्वास ईसाइयों ने दिया ईशु ईश्वर का एक मात्र पुत्र है |

इस्लाम का अन्ध विश्वास चाँद का दुकड़ा होना को सत्य मान लिया, एक स्त्री और एक पुरुष से दुनिया बनी, भाई बहनों में शादी जैसी कु प्रथा को सत्य मान कर,हिन्दू वैदिक मर्यादा से अलग होते गये और अंधकार में डूबता चला गया |

कुरान और बाइबिल की आदम उसके पसली से बनी उसकी पत्नी को सत्य मान लिया | शैतान की मनघडंत किस्सा स्वर्ग में फल खाने खिलाने को सत्य मान लिया | नतीजा यह हुवा वैदिक मान्यता को ना जानने से यही हिन्दू घराने के लोग मुसलमान और ईसाई बनते गये | नतीजा तो सबके सामने ही है जो हो रहा है भारत में |
ईसाइयों की यह पाखण्ड, की हाँ अन्धों को आँख देते हैं, कोढ़ी को ठीक करते हैं सभी पारकर के बीमारी को ठीक करते हैं आदि आदि झूठ का पर्दा फाश होता जा रहा है भारत के हिन्दू कहलाने वाले तर्क के कसौटी पर इन्हें चुटकी में निरुत्तर कर रहे हैं | यह तर्क वैदिक मान्यता के आधार पर ही संभव है बंधुओं कल देखा होगा आप लोगों ने के तर्क के सामने किस प्रकार झूठ का पर्दा फाश हो रहा है ?
इस लिए आप भारत वासियों से विनती है की वैदिक मान्यता क्या है उसे जानिए खुद मुसलमान होने से ईसाई बनने से बचें, और अपने पुत्र, पुत्रियों को भी बचाएं | धन्यवाद के साथ =महेन्द्रपाल आर्य =23/4/19 =