अल्लाह जैसा मूसा का कोई खास रिश्तेदार है |

|| अल्लाह जैसा मूसा का कोई खास रिश्तेदार ||
मानव कहलने वालों क्या परमात्मा किसी से बात कर सकते हैं ?
पर देखें तामाशा अल्लाह का,मूसा ने अल्लाह से कही और अल्लाह ने मान ली-
قَالَ رَبِّ إِنِّي لَا أَمْلِكُ إِلَّا نَفْسِي وَأَخِي ۖ فَافْرُقْ بَيْنَنَا وَبَيْنَ الْقَوْمِ الْفَاسِقِينَ [٥:٢٥]
तब मूसा ने अर्ज़ की ख़ुदावन्दा तू ख़ूब वाक़िफ़ है कि अपनी ज़ाते ख़ास और अपने भाई के सिवा किसी पर मेरा क़ाबू नहीं बस अब हमारे और उन नाफ़रमान लोगों के दरमियान जुदाई डाल दे
قَالَ فَإِنَّهَا مُحَرَّمَةٌ عَلَيْهِمْ ۛ أَرْبَعِينَ سَنَةً ۛ يَتِيهُونَ فِي الْأَرْضِ ۚ فَلَا تَأْسَ عَلَى الْقَوْمِ الْفَاسِقِينَ [٥:٢٦]
हमारा उनका साथ नहीं हो सकता (ख़ुदा ने फ़रमाया) (अच्छा) तो उनकी सज़ा यह है कि उनको चालीस बरस तक की हुकूमत नसीब न होगा (और उस मुद्दते दराज़ तक) यह लोग (मिस्र के) जंगल में सरगरदॉ रहेंगे तो फिर तुम इन बदचलन बन्दों पर अफ़सोस न करना
وَاتْلُ عَلَيْهِمْ نَبَأَ ابْنَيْ آدَمَ بِالْحَقِّ إِذْ قَرَّبَا قُرْبَانًا فَتُقُبِّلَ مِنْ أَحَدِهِمَا وَلَمْ يُتَقَبَّلْ مِنَ الْآخَرِ قَالَ لَأَقْتُلَنَّكَ ۖ قَالَ إِنَّمَا يَتَقَبَّلُ اللَّهُ مِنَ الْمُتَّقِينَ [٥:٢٧]
(ऐ रसूल) तुम इन लोगों से आदम के दो बेटों (हाबील, क़ाबील) का सच्चा क़स्द बयान कर दो कि जब उन दोनों ने ख़ुदा की दरगाह में नियाज़ें चढ़ाई तो (उनमें से) एक (हाबील) की (नज़र तो) क़ुबूल हुई और दूसरे (क़ाबील) की नज़र न क़ुबूल हुई तो (मारे हसद के) हाबील से कहने लगा मैं तो तुझे ज़रूर मार डालूंगा उसने जवाब दिया कि (भाई इसमें अपना क्या बस है) ख़ुदा तो सिर्फ परहेज़गारों की नज़र कुबूल करता है |
यहाँ मैंने तीन प्रमाण दिया है सूरा 5 मायदा का आयात 25,26,27, यहाँ मूसा ने अल्लाह से अपने सम्प्रोदाय के लोगों को ख़त्म करने को कहा, और अल्लाह ने ऐसा ही किया | अगर अल्लाह का कोई खास विशेष रिश्तेदार न हों तो यह फरियाद स्वीकार क्यों करते अल्लाह ?

इसलिए मेरी चुनौती है कुरान को कलामुल्ला मानने वालों से, के मुझसे डिबेट करे सामने बैठ कर अगर कोई कुरान को कलामुल्लाह सिद्ध कर दिया, तो मेरे साथ जितने भी लोग होंगे सब को लेकर इस्लाम स्वीकार करूंगा | यह मैं लिखकर दे रहा हूँ जिसको आना हो सामने आव डिबेट के लिए शर्तें हैं स्टाम्प पेपर में यह सभी बातें स्वीकार करनी होगी = विषय रहेगा {1} कुरान को कलामुल्लाह सिद्ध करना | {2} इस्लाम को धर्म सिद्ध करना | {3} और ईश्वर + अल्लाह =दोनों को एक सिद्ध करना | {4} मानवता कुरान में है इसे सिद्ध करना | इसे पेपर में उल्लेखित करना होगा = यदि सिद्ध हो जाए उसे स्वीकार करना होगा सब को | सत्य जो प्रमानित हो उसे स्वीकार करना | ठीक यही शर्त बाईबिल वालों के लिए भी है | अब जिस को आना हो सामने आव पहले बताना पड़ेगा जिससे दिन निर्धारित हो सके समयानुसार बात कर लेना | इस न० पर 9911500369= धर्मवीर पहलवान =दिल्ली

इसके साथ एक विशेष जानकारी एक मुसलमान है झूठ बोला अपना नाम राहुल शर्मा बताया वह ज्यादा बकने लगा मुझे धमकी के लहजे में बोला = इन्दौर से बोल रहा हूँ बयाता मो० में उसका नाम शानू लिखा है न० है +91,9009454624 आप लोग संपर्क करें कौन है क्या चाहता है आदि | धन्यवाद के साथ महेन्द्रपाल आर्य = 17 /5 /19