अल्लाह ने मुहम्मद से कहा मरियम की चर्चा करो |

|| अल्लाह ने मुहम्मद से कहा मरियम की चर्चा करो ||
जिस किताब को लोग खुदाई आसमानी किताब मानते हैं, उसमें क्या उपदेश है दुनिया के मानव कहलाने वालों जरा ध्यान से पढ़ें और विचार करें की अल्लाह के इन उपदेशों से मानव समाज का क्या भला हो रहा है अथवा क्या भला हो सकता है ? ईश्वरीय ज्ञान मानव कल्याण के लिए होना चाहिए अथवा ईश्वरीय ज्ञान में किसी बाँझ महिला का संतान जन्म देना, या किसी कुँवारी से सन्तान जन्म देना किसी के द्वारा अपना रूह किसी के हाथ भेज कर कुँवारी को गर्भवती बना देना यही ईश्वरीय ज्ञान है ?
यहाँ एक एक आयातों पर ही मोटी मोटी पुस्तक लिखी जा सकती है जिसे लोग ईशवानी कह रहे हैं मान रहे हैं क्या उन्हें यह पता है की ईश्वरीय ज्ञान में किसी व्यक्ति विशेष के नाम होने पर ईश्वर पर पक्षपात का दोष लगेगा ?
आल्लह ने जो रूह जिब्राइल के द्वारा मरियम में फूंकी वह रूह अल्लाह को मिली कहाँ किस चीज से बने गई रूह जिसे अल्लाह ने मरियम में डलवाई ? कितनी अवैज्ञानिक बातें कुरान की इन आयातों में है जरा ध्यान से आप लोग भी पढ़ें |
وَاذْكُرْ فِي الْكِتَابِ مَرْيَمَ إِذِ انتَبَذَتْ مِنْ أَهْلِهَا مَكَانًا شَرْقِيًّا [١٩:١٦]
और (ऐ रसूल) कुरान में मरियम का भी तज़किरा करो कि जब वह अपने लोगों से अलग होकर पूरब की तरफ़ वाले मकान में (गुस्ल के वास्ते) जा बैठें | सूरा 19 मरियम 16
فَاتَّخَذَتْ مِن دُونِهِمْ حِجَابًا فَأَرْسَلْنَا إِلَيْهَا رُوحَنَا فَتَمَثَّلَ لَهَا بَشَرًا سَوِيًّا [١٩:١٧]
फिर उसने उन लोगों से परदा कर लिया तो हमने अपनी रूह (जिबरील) को उन के पास भेजा तो वह अच्छे ख़ासे आदमी की सूरत बनकर उनके सामने आ खड़ा हुआ | 17
قَالَتْ إِنِّي أَعُوذُ بِالرَّحْمَٰنِ مِنكَ إِن كُنتَ تَقِيًّا [١٩:١٨]
(वह उसको देखकर घबराई और) कहने लगी अगर तू परहेज़गार है तो मैं तुझ से खुदा की पनाह माँगती हूँ | 18
قَالَ إِنَّمَا أَنَا رَسُولُ رَبِّكِ لِأَهَبَ لَكِ غُلَامًا زَكِيًّا [١٩:١٩]
(मेरे पास से हट जा) जिबरील ने कहा मैं तो साफ़ तुम्हारे परवरदिगार का पैग़मबर (फ़रिश्ता) हूँ ताकि तुमको पाक व पाकीज़ा लड़का अता करूँ | 19
قَالَتْ أَنَّىٰ يَكُونُ لِي غُلَامٌ وَلَمْ يَمْسَسْنِي بَشَرٌ وَلَمْ أَكُ بَغِيًّا [١٩:٢٠]
मरियम ने कहा मुझे लड़का क्योंकर हो सकता है हालाँकि किसी मर्द ने मुझे छुआ तक नहीं है औ मैं न बदकार हूँ | 20
قَالَ كَذَٰلِكِ قَالَ رَبُّكِ هُوَ عَلَيَّ هَيِّنٌ ۖ وَلِنَجْعَلَهُ آيَةً لِّلنَّاسِ وَرَحْمَةً مِّنَّا ۚ وَكَانَ أَمْرًا مَّقْضِيًّا [١٩:٢١]
जिबरील ने कहा तुमने कहा ठीक (मगर) तुम्हारे परवरदिगार ने फ़रमाया है कि ये बात (बे बाप के लड़का पैदा करना) मुझ पर आसान है ताकि इसको (पैदा करके) लोगों के वास्ते (अपनी क़ुदरत की) निशानी क़रार दें और अपनी ख़ास रहमत का ज़रिया बनायें | 21
فَحَمَلَتْهُ فَانتَبَذَتْ بِهِ مَكَانًا قَصِيًّا [١٩:٢٢]
और ये बात फैसला शुदा है ग़रज़ लड़के के साथ वह आप ही आप हामेला हो गई फिर इसकी वजह से लोगों से अलग एक दूर के मकान में चली गई | 22
فَأَجَاءَهَا الْمَخَاضُ إِلَىٰ جِذْعِ النَّخْلَةِ قَالَتْ يَا لَيْتَنِي مِتُّ قَبْلَ هَٰذَا وَكُنتُ نَسْيًا مَّنسِيًّا [١٩:٢٣]
फिर (जब जनने का वक्त ़क़रीब आया तो दरदे ज़ह) उन्हें एक खजूर के (सूखे) दरख्त की जड़ में ले आया और (बेकसी में शर्म से) कहने लगीं काश मैं इससे पहले मर जाती और (न पैद होकर) 23
فَنَادَاهَا مِن تَحْتِهَا أَلَّا تَحْزَنِي قَدْ جَعَلَ رَبُّكِ تَحْتَكِ سَرِيًّا [١٩:٢٤]
बिल्कुल भूली बिसरी हो जाती तब जिबरील ने मरियम के पाईन की तरफ़ से आवाज़ दी कि तुम कुढ़ों नहीं देखो तो तुम्हारे परवरदिगार ने तुम्हारे क़रीब ही नीचे एक चश्मा जारी कर दिया है | 24
وَهُزِّي إِلَيْكِ بِجِذْعِ النَّخْلَةِ تُسَاقِطْ عَلَيْكِ رُطَبًا جَنِيًّا [١٩:٢٥]
और खुरमे की जड़ (पकड़ कर) अपनी तरफ़ हिलाओ तुम पर पक्के-पक्के ताजे खुरमे झड़ पड़ेगें फिर (शौक़ से खुरमे) खाओ | 25
فَكُلِي وَاشْرَبِي وَقَرِّي عَيْنًا ۖ فَإِمَّا تَرَيِنَّ مِنَ الْبَشَرِ أَحَدًا فَقُولِي إِنِّي نَذَرْتُ لِلرَّحْمَٰنِ صَوْمًا فَلَنْ أُكَلِّمَ الْيَوْمَ إِنسِيًّا [١٩:٢٦]
और (चश्मे का पानी) पियो और (लड़के से) अपनी ऑंख ठन्डी करो फिर अगर तुम किसी आदमी को देखो (और वह तुमसे कुछ पूछे) तो तुम इशारे से कह देना कि मैंने खुदा के वास्ते रोजे क़ी नज़र की थी तो मैं आज हरगिज़ किसी से बात नहीं कर सकती | सूरा 19 मरियम 26

कुरान को लोग कलामुल्लाह कहते हैं, मैंने सूरा मरियम की कुछ आयतें कल आप लोगों को बताया था आज अपने कथनानुसार कुछ और आयातों को प्रस्तुत किया हूँ इसे आप लोग भी ध्यान से पढ़े और जानने का प्रयास करें की क्या यही ईश्वरीय ज्ञान है जो कुरान में अल्लाह ने वर्णन किया है ?
महेन्द्रपाल आर्य =वैदिक प्रवक्ता =दिल्ली =13 =12 =17 =