आत्मा कभी मरती नहीं इसकी जानकारी अल्लाह को नहीं है ||

आत्मा कभी मरती नहीं अल्लाह को पता ही नहीं |
यह प्रमाण इबने कसीर पेज 515 पारा 20 सूरा 27 अन नमल आयात 67,68,69, 70 का सन्दर्भ:- हयात सानी के मुनकिर = यहाँ बयान हो रहा है कि मुन्केरीन कयामत की समझ में अबतक भी नही आया के मरने और सड़-गल जाने के बाद मिट्टी और राख हो जाने के बाद हम दुबारा कैसे पैदा किये जायेंगे ? वो इसपर सख्त मुताज्जुब है – कहते है कि मुद्दतों से अगले ज़माने से ये सुनते चले आते है लेकिन हमने तो किसी को मरने के बाद जीता हुआ देखा नही – सुनी सुनाई बातें है उन्होंने अपने अगलों से और अपने पहले वालों से सुने हम तक पहुंची लेकिन सब अक्ल से दूर है |
अल्लाह ताला अपने नबी को जवाब बताता है कि उनसे कहो ज़रा ज़मीन में चल फिरकर देखें के रसूल को झूठा जानने वालों और क़यामत को न मानने वालों का कैसा दर्दनाक हसरतनाक अंजाम हुआ ? हलाक और तबाह हो गये, नबियों और ईमान वालों को अल्लाह ने बचा लिया – ये तीनों की सच्चाई की दलील है फिर अपने नबी को तसल्ली दी के ये तुझे और मेरे कलाम को झुठलाते है लेकिन तू इनपर अफ़सोस और रंज न कर उनके पीछे अपनी जान को रोग न लगा – ये तेरे साथ जो रद्दबा बाजियां कर रहे है और जो चालें चल रहें है हमें खूब इल्म है – तू बेफिक्र रह तुझे और तेरे दीन को हम ओज देने वाले है – दुनिया जहान पर तुझे हम बुलंदी देंगे |
नोट:- इन आयातों की तफसीर में आप लोगों ने ये देख लिया कि अल्लाह और अल्लाह के रसूल की बातों को जो न माने उन्हें अल्लाह ही हलाक कर देते है | रही बात मारने और जिलाने की, कुरान के अल्लाह को ये भी नही मालुम के आत्मा मरती नही है, रूह की मौत संभव नही, जब रूह मरी नही फिर दुबारा उठाने की बात किसकी की गई ?
आयात से तो पता लगा दफनाये गये शरीर को उठाने की बात बार-बार की गई है | जबकि शरीर मिट्टी का बना कब्र में दफनाने के बाद शरीर भी मिट्टी में ही मिल गया, इसी कब्र में से दुबारा उठाने की जो बात की जा रही है वो किसे उठाएंगे शरीर या आत्मा ? शरीर तो कब्र में मिट्टी हो गई इसका पता लगना या पता लगाना सम्भव हुआ लेकिन शरीर के अंदर से जो आत्मा निकली वो तो मरी नही उसका क्या किया अल्लाह ने, कहाँ रखा गया, कहाँ रखा जायेगा ? वो रखने का स्थान कौन सा है ? जो आत्मा अजर, अमर, अविनाशी है, उस आत्मा के बारे में तो अल्लाह ने कोई चर्चा ही नही की, क्या दुनिया के लोग अल्लाह से ये जानना नही चाहेंगे ? महेन्द्र पाल आर्य =31/7/21