आर्य कहलाने वालों के लिए एक निष्पक्ष विचार

|| आर्य कहलाने वालों के लिए एक निष्पक्ष विचार ||
आर्य जनों से मेरी विनती है, की कल व्हाट्स पेज वैदिक सत्य में किसी ने डाला था की अग्निवेश नामी कोई सन्यासी ने आर्यलोगों से कांग्रेस को वोट देने का प्रस्ताव पारित किया हैं |

इस सन्दर्भ में मेरा सबसे पहला सवाल होगा अग्निवेश चमचे से जिनको अभी आर्य वेश पुकारा जा रहा है | वह इसका समर्थन करते हैं या नहीं उनसे आर्य कहलाने वाले पूछें ? जो तथाकथित आर्य समाजी कहलाने वाले उसी आर्य वेश को अपने जलसे में कार्यक्रम में बुलाते हैं, अगर वे इसका समर्थन करने में हाँ कहते हैं | तो आर्य समाजी कहलाने वाले इन्हें अपनी जनसभा में बुलाना बन्द करदें |

अगर यह मना करते हैं की हम समर्थन नहीं करते तो यह सन्यासी नहीं महा झूठे हैं | कारण अगर वे समर्थन नहीं करता तो क्या अग्निवेश के इस प्रस्ताव का विरोध किया है ? अगर नहीं किया तो यह झूठ बोल रहा है की मैं उनका समर्थन नहीं करता ?

आर्य कहलाने वालों कब तक तुम्हें सत्य बोलना है ? कब तक तुम्हें सत्य को आचरण में लाना हैं ? स्वामी श्रद्धानन्द जी ने कांग्रेस छोड़ दिया था महात्मा गाँधी के दुगली नीति के कारण | फिर भी उस समय का कांग्रेस तो राष्ट्र भक्ति की बात किया करते थे | इस समय का कांग्रेस तो खुलकर राष्ट्र विरोधी काम कर रहा है |

भारत तेरे टुकड़ेहोंगे गेंग में कांग्रेस नहीं था ? क्या पाकिस्थान का समर्थन कांग्रेस नहीं कर रहां है ? देश का धन लुटने में कांग्रेस का माँ बेटा जमानत पर नहीं है ? जो गद्दारी पर कांग्रेस उतर आई उस कांग्रेस का समर्थन आर्यों के लिए करे जो वह उससे बड़ा गद्दार है |

आर्यसमाज में लोग सुनाते हैं की देश की आज़ादी के लिए 85 % आर्यों ने वली दान दिया है | यधपि यह सत्य नहीं है किसी भी पुस्तक या किताब से परमाण नहीं मिलेगा | फिर भी अगर आर्य समाजी वलिदान देश को अंग्रेजों से मुक्ति दिलाने को काम किया है अर्थात देश के खातिर अपना प्राण दिया है तो क्या आज इसी देश के साथ जो विश्वासघात करे उसे वोट देने की बात आर्य समाज का गद्दार कहे और आर्य लोग उसे मानलेंगे ?

इस के साथ मज़बूरी है सोनिया ने राजीवगाँधी पुरस्कार इसी गद्दार को दिया है इस लिए कह रहा है | उसे जो करना हो करे आर्य लोगों को निर्देश देने का क्या अधिकार है इसे ? यह व्यक्ति कांग्रेसी भी नहीं है यह पक्का कम्युनिष्ट है, पहली बार जब इजराइल का राष्ट्र अध्यक्ष भारत आया था, यही अग्निवेश, और सीताराम यचूरी सबसे पहले विरोध करने गये थे | अभी कन्हैया के साथ भी यही राष्ट्र विरोधी अग्निवेश भी था |

आर्य समाज के लोग किस लिए चुप हैं मैं नहीं समझ पाया की इस देश विरोधी गति विधि में रहने के कारण इसी अग्निवेश को पिछले दिन झाडखंड वालों ने थोडा सा हिलाया था | दिल्ली में अटल जी के शोक सभा में भी थोडा सबक सिखाया | पर यह व्यक्ति निर्लज्य है| आर्य कहलाने वाले इन्हें 2006 से थोडा भी नहीं हिलापाया | यह और बेशर्मी की बात है |
आर्य कहलाने वालों मेरे पास अनेक प्रमाण हैं लिखने को और बोलने को पर आर्य कहलाने वालों कब तक सत्य को स्वीकार करोगे ? 7 /5 /19 =