इब्राहीम पैगम्बर अल्लाह को सही जवाब नहीं दे सके ||

इब्राहीम पैगम्बरअल्लाह को सही जवाब नही दे सके |
अल्लाह ने स्वप्न दिखाया इब्राहीम पैगम्बर को, सबसे प्यारा चीज मेरे रास्ते में कुरबानी करो, हजरत इब्राहीम इसका सही जवाब नहीं दे पाए ?
इसका जवाब यह होना था की ऐअल्लाह मानव मात्र का तो सबसे प्यारा आप ही हैं, हर कोई आप का सानिध्य पाना चाहता है और यही मानव जीवन का लक्ष्य है | फिर आप से ज्यादा प्यारा मेरा कौन हो सकता है ? आप ही मुझसे पूछ रहे हैं की सबसे प्यारा मेरे लिए कौन है ? आप तो सब कुछ जानने वाले हैं, तो क्या आप को यह जानकारी नहीं की मेरे प्यारा चीज सबसे कौन है ? ऐ अल्लाह आपने तो कुरान में बहुत बार कहा है इस बात को = मैं जो जानता हूँ वह तुम नहीं जानते ? तो क्या आप इस चीज को नहीं जानते की मेरे लिये प्यारा क्या है और कौन हा ? हर मानव कहलाने वाले आप को अपनी आत्मा से ज्यादा प्यारा मानते हैं और कहते भी हैं |
दुनिया वालों आप लोगों को यह मालूम हुवा है की यह ईदुज्जोहा या बकरीद जिसे कहते हैं | यह घटना है पैगम्बर हजरत इब्राहीम के जीवन की, जिसे आज तक इस्लाम के मानने वाले मनाते आ रहे हैं, और जब तक इस्लाम के नाम लेवा धरती पर हैं तब तक यह मनाते रहेंगे और करते भी रहेंगे कुर्बानी को |
कल मैंने लिखा था और पहले भी बहुत बार लिखा चूका हूँ हजरत इब्राहीम अल्लाह का एक पैगम्बर का नाम था जिनकी एक पत्नी थी सारा – दूसरी एक दासी थी गिफ्ट में मिला दासी का नाम हाजर |
सारा की संतान अभी जन्म नहीं लिया था, पर दासी से पुत्र जन्म लिया, जिस का नाम इस्माईल था | इस से जरुर समझ रहे होंगे इंसानी फितरत, सारा बीवी सहन नहीं कर सकी और इब्राहीम से कहलवा कर बीवी हांजरऔर बेटे इस्माईल को घर से निकलवा दिया | उस समय घर से भुत दूर एक वयहवांन में छोड़ दिया माँ, बेटे को | कहा जाता है की माँ पानी के प्यास में भाग रही थी पानी की तलाश में | पहाड़ों के बीच दौड़ रही थी पानी के लिए,जो रेत को पानी समझ कर भागती रही |
इतने में बेटे ने पैर पटका तो उसी जगह कुवां खुद गया | जिसे आबे जमजम कहा गया जमजम उस कुवें के पानी को कहा जाता है आबे जम, जम, | इससे यह बात स्पष्ट है के बच्चा इस्माईल उनदिनों छोटा था | कुछ भी था लेकिन इब्राहीम का प्यारा नहीं था | अगर प्यारा होता तो इतने छोटे बच्चे को घरसे बाहर कैसे निकालते ? अगर अल्लाह ने इसी इस्माईल की क़ुरबानी देने के लिया कहा तुम्हारा जो प्यारा है उसे क़ुरबानी दो | तो इसका मतलब यह भी हुवा की अल्लाह ज्ञानी नहीं है ? और.इब्राहीम भी अल्लाह को नहीं बताया सच क्या है ? दुनिया के लोग सब से प्यारा अल्लाह को ही मानते हैं यहाँ अल्लाह इब्राहीम का प्यारा इस्माईल को समझे बैठे |
जो सत्य नहीं था अगर अल्लाह सब कुछ जानते हैं पर इन बातों को नहीं जाना की इब्राहीम का प्यारा क्या है जिसे अल्लाह क़ुरबानी देने का आदेश दे रहे हैं ? इब्राहिम को बताना था इस क़ुरबानी में अल्लाह मैं तो आप का ही न० देख रहा हूँ |
आप मानव कहलाने वालों इसपर चिंतन करें =धन्यवाद के साथ =महेन्द्रपाल आर्य,13,8,19