इसे जरुर सुनिए |

https://www.youtube.com/watch?v=82lcDZrp3_Y&list=PLSeJQpJmPdNhVxaKBgurRu0Scvp98qqQ8

यह जो लिंक आप लोगों के दे रहा हूँ इसे जरुर सुनें+ और मेरे दिए गये जवाब को भी ज़रूर पढ़े | महेन्द्रपाल आर्य =1 / 5 /18 =

मेरे भाई क्या यही तरीका है अपने नाम का परिचय देने का ? 25 साल वाले ने 40 साल वाली से शादी करना आज के कोई भी मुसलमान करना चाहेगा ? नबी ने जो किया वही करना सुन्नत है तो मुस्लमान अपने बेटे की शादी क्यों नहीं करते ? आप कहा एक ही शादी उन्हों ने बगैर शादी वाली से की | क्या 52 साल में 6 साल की लड़की से शादी कानूनं अपराध नहीं ? क्या आज कोई मुसलमान  52 साल वाले 6 साल की लड़की से शादी कर सकता है ? जब की हुजुर ने जो किया उसे करना सुन्नत नै ? तो आज मुसलमान इस सुन्नत से अपने को अलग किसलिए किया ? आप ने कहा हुजुर ने अपने मनसे शादी नहीं की अल्लाह की मर्ज़ी से हुई | ऐसे को अल्लाह सिर्फ मुसलमान ही कहेंगे | वैदिक धर्म वाले नहीं  क्यों की अगर परमात्मा किसी की शादी करने लगे तो उसे कोई वेद के मानने वाले परमात्मा नहीं मानेंगे क्यों की यह काम परमात्मा का है ही नहीं ? किसी इन्सान की शादी तो अल्लाह ही करा सकता है परमात्मा नहीं ? इस लिए जानो पहले परमात्मा कौन है =और अल्लाह किसे कहा गया ?

देखो हवाला कुरान में क्या कहागया ? आप ने भी यही कहा अल्लाह की मर्ज़ी से हुजुर ने शादी की यही है वह आयत >وَإِذْ تَقُولُ لِلَّذِي أَنْعَمَ اللَّهُ عَلَيْهِ وَأَنْعَمْتَ عَلَيْهِ أَمْسِكْ عَلَيْكَ زَوْجَكَ وَاتَّقِ اللَّهَ وَتُخْفِي فِي نَفْسِكَ مَا اللَّهُ مُبْدِيهِ وَتَخْشَى النَّاسَ وَاللَّهُ أَحَقُّ أَن تَخْشَاهُ ۖ فَلَمَّا قَضَىٰ زَيْدٌ مِّنْهَا وَطَرًا زَوَّجْنَاكَهَا لِكَيْ لَا يَكُونَ عَلَى الْمُؤْمِنِينَ حَرَجٌ فِي أَزْوَاجِ أَدْعِيَائِهِمْ إِذَا قَضَوْا مِنْهُنَّ وَطَرًا ۚ وَكَانَ أَمْرُ اللَّهِ مَفْعُولًا [٣٣:٣٧]

और (ऐ रसूल वह वक्त याद करो) जब तुम उस शख्स (ज़ैद) से कह रहे थे जिस पर खुदा ने एहसान (अलग) किया था और तुमने उस पर (अलग) एहसान किया था कि अपनी बीबी (ज़ैनब) को अपनी ज़ौज़ियत में रहने दे और खुदा से डेर खुद तुम इस बात को अपने दिल में छिपाते थे जिसको (आख़िरकार) खुदा ज़ाहिर करने वाला था और तुम लोगों से डरते थे हालॉकि खुदा इसका ज्यादा हक़दार है कि तुम उस से डरो ग़रज़ जब ज़ैद अपनी हाजत पूरी कर चुका (तलाक़ दे दी) तो हमने (हुक्म देकर) उस औरत (ज़ैनब) का निकाह तुमसे कर दिया ताकि आम मोमिनीन को अपने ले पालक लड़कों की बीवियों (से निकाह करने) में जब वह अपना मतलब उन औरतों से पूरा कर चुकें (तलाक़ दे दें) किसी तरह की तंगी न रहे और खुदा का हुक्म तो किया कराया हुआ (क़तई) होता है |  मेरा सवाल है आप जैसे इसलाम के प्रचारकों से की यहाँ अल्लाह ने कहा तुम अपने मन में जिन बैटन को छिपा कर रखे थे मैंने उसे जाहिर कर दिया | मुझे जान करी दें की हुजुर ने कौन सी बात अपने मन में छुपाये थे जिसे अल्लाह ने सब के समने खोल दिया ? अल्लाहने हुजुर की शादी जैनब से कराई आसमान में = गवाह कौन कौन थे =देंन मैहर कितना रखा गया था ?

इस को देखना ना भूलें = धन्यवाद के साथ महेंद्र पाल आर्य =