इस्लामी यालिमों से पूछते है सवाल || उत्तर तो दें

||इस्लामी आलिमों से पूछते हैं सवाल ||
इस्लामी यालिमों का मानना या कहना है की अल्लाहताला ने अपनी कलाम जो कुरान है उसे आसमान से उतारी | और अपने रसूल हजरत मुहम्मद तक भेज दिया | जब हजरत मुहम्मद थोडा आभाव मुक्त हुए हजरत खदीजा से शादी या निकाह करने के बाद |

अब थोडा समय उन्हों ने ध्यान साधना या तप में लगाने लगे, घर से नजदीक एक पहाड़ जिसे हिरा के नाम से लोग जानते हैं, उसी पहाड़ के गुफा में जा कर ध्यान मग्न होते थे | कुछ दिनों के बाद अल्लाह का फ़रिश्ता जिसका नाम जिबरील है कुरान में भी इनका नाम बताया अल्लाह ने |

इन्हों ने आकर हजरत मुहम्मद साहब का सीना चाक किया बताया जाता है =अर्थात सीना चिर कर उनके दिल को निकाला फिर जमजम के पानी से धोकर हजरत साहब के शारीर में डाल दिया और सीना को सिल दिया | यह बताया जाता है, पता नहीं यह खड़ा खड़ा सर्जरी हर सर्जन को हजरत जिब्रील से ही सीखना चाहिए | इतना बड़ा सर्जरी के बाद उसे पढाया जा रहा है, पता नहीं शायद अरब में मरीजों के साथ यही होता होगा ?

जिब्रील ने हुजुर से कहा पढने के लिए, जो मात्र पांच आयात सूरा यलक का बताया गया लिखा गया आदि | यह प्रमाण कई जगह मिलता है, पर मेरा सवाल यह है, की जिब्रील को यह आयत मिली कहाँ से क्या अल्लाह ने उन्हें सुनाया ? पढाया सिखाया ? इसका जवाब इस्लामी यालिमों से मुझे मिले तो शुक्रिया अदा करूँगा |

दूसरा सवाल यह है की कुरान ले कर अल्लाह ने जिब्रील को हजरत मुहम्मद साहब तक भेजा | पर कुरान से पहले जो और किताबें थीं 3 =तौरैत = जाबुर = और इंजील = इन किताबों को अल्लाह ने किस के हाथों भेजा अपने रसूलों तक ? मूसा =दाउद =व- ईसा को = अल्लाह ने यह किताब किस प्रकार भेजी अपने रसूलों को ?

क्या मुहम्मद जैसा सीना चाक उन रसूलों के साथ हुई थी ? अगर हुई है तो उसकी चर्चा कहाँ किस किताब में है ? क्या उन रसूलों के साथ भी ऐसा हुवा जैसा के मुहम्मद साहब के साथ हुवा है ? धर दबोचना एक बार नहीं तीन बार फिर उन्हें पढने को कहना आदि जो जो घटनाएँ हैं ठीक उसी तरीके से उन रसूलों को किताब का ज्ञान दिया गया या कुछ और तरीका था ?

कहीं कहीं यह भी मिलता है की अहले किताब वालों ने हजरत मुहम्मद साहब को रसूल और कुरान को अल्लाह का भेजा हुवा मानने को तैयार नहीं हुए | और कहा भी इस बात को की यह कुरान क्या तौरैत जैसे आसमान से लिख कर भेजा अल्लाह ने ? जब अल्लाह ने लिखकर कुरान को नहीं भेजा तो इस कुरान को हम किस लिए मानें ?

सवाल मेरा यह है की कुरान जिस प्रकार मुहम्मद पर उतारी अल्लाह ने, क्या तौरैत =ज़बूर =इन्जील = और रसूलों पर उतरा गया ? क्या तरीका था इन किताबों का उतारने का ?
जवाब के इंतज़ार में =महेंद्र पाल आर्य = 30 /4 /19 =