एक सूफीवाद वाले की चुनोती स्वीकार 20 /4 /18 =का समय दिया

|| एक सूफीवाद वाले की चुनोती स्वीकार ||
आज सुबह मैंने देखा व्हाट्स आप पर डिबेट की यह चुनोती, फिर मैंने इनकी चुन्प्ती स्वीकार किया और क्या लिखा है आप लोग भी इसे देखें | अभी 10 =11 =मार्च को भी मैंने समय दिया था एक अरशद खुमानी को वह नहीं आया सामने |
 
आज इन सूफी वाद वालों की चुनोती स्वीकारते हुए यह लिखा जो नीचे है हिंदी में लिखा है देखें | इसने लिखा है महेन्द्र पाल मुझे तुमसे डिबेट करना है |
अगर सच् में तुम एक सच्चे हिन्दू हो तो मुझसे डिबेट करो ज्यादा बात नहीं करता |
इसकी बैटन को मैंने स्वीकार है और अप्रिल 20 =का समय दिया है 18 का पहले कुछ शर्तें लिखा है उसे भी आप लोग पढ़ें | धन्यवाद के साथ महेन्द्र पाल आर्य = 22 /3 /18 =सुबह 8 बजकर 46 मिनट आर लिखा हूँ |
 
[3/22, 08:48] mahenderpal: Muje tumse debate karni hai
 
Agr such me tum ek suche Hindu ho to mujhse debate karo
 
Zyada bat nahi krta
 
Bus itna bta du quraan me galti nikalna to bhut dur ki bat hai tum mere samne quraan pad bhi nahi paoge
 
Tum sirf ek aayat ki tafseer uska shane nujul or uska tafseeli tarjuma mere samne nahi ker paoge
 
Tum kehte ho tumne 15000 logo ko Hindu banaya hai
15 minut tum mere samne tik nahi paoge
 
Agr such me apni maa ka doodh piya hai kisi kutya ka doodh nahi piya to mujse debate Kar ke dikhao
[3/22, 08:48] mahenderpal: Mere ustaz mufti sufi kaleem hanfi razvi kuddasirrahu ne tumhe call ki tumne number block ker diya
 
Wo abhi bhi tumse debate karna chahte hein number unblock karo unka
[3/22, 08:48] mahenderpal: अब तक कहाँ सो रहाथा ठीक है में तुम्हारी दिए गए चुनोती को स्वीकार करता हूँ । और सामने बैठ कर डिबेट के लिए समय देता हूं अप्रैल 20 का 018 को। पहले स्टाम्प पेपर में लिखा पढ़ी होगी वकील से यह कागज बनवाना होगा ।
यह भी उल्लेख होना है में हार गया तो इस्लाम स्वीकरूँगा, तुम हारे तो वैदिक धर्म को स्वीकारोगे। यह डिबेट की चुनोती तूम ने दी है मैंने। स्वीकार किया अब तक 50सों बार लोग इस प्रकार समय लिया पर सामाने नहीं आया। अभी अरशद नामी एक को 11,12, मार्च का समय दिया था जो सामने नही आया ।
कुछ भी हो तुमने डिबेट के लिए लिखा और यह भी लिखा कि मैं कुरान का एक भी आयात नहीं सुना सकता अगर यह बात तुम सत्य प्रमाणित कर दिखाते हो तो बहुत बड़ी बात होगी । आव सामने तुम कितने बड़े सत्यवादी हो दुनिया वाले भी देखें । महेंद्र पाल आर्य 22,मार्च 018। तुममें अपना नाम लिखने कि भी हिम्मत नहीं ,मैने अपना नाम लिखा है ।आव सामने कागज अप्रैल 15 तक बनजाना चाहिए दिल्ली के 30 हज़ारी कोर्ट k 154 न0 चेम्बर में 15 अप्रैल को आकर कागज बना लेते है कुछ शर्तें हैं डिबेट के वह वहीँ लिखना होगा । नही आने पर मुझे सूचना ज़रूर देना । 22,3,018,सुबह 8,46 मिनट पर लिख गया ।