कांग्रेस अपना गरेबान झांके |

कांग्रेस अपना गेरेवान झांकें |
बीजेपी बड़ी पार्टी होने पर भी सोनिया गांधी राष्ट्रपति KR नारायणन को 9 दिन बहुमत सिद्ध करदुंगी कहकर रोक रखी जब नही हुवा तब बीजेपी को बुलाया अटल जी प्रधान मंत्री बने थे |
दूसरी घटना है यूपी का सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी बनी उसके बाद भी मोतीलाल बोरा जो राज्यपाल थे यूपी के उन्हों ने भी नही बुलाया बीजेपी को | फिर आज यह छट पटा हट किस लिए ? अभी मैं देख रहा था किसी tv चेनल में मीम अफजल नामी कांग्रेसी को बोलते हुए, जो पार्टी नैतिकता का पाठ बीजेपी को पढ़ा रही है क्या यह पाठ वह खुद पढ़ी है ?
अगर वह खुद नैतिकता का पाठ पढ़ती तो यह गलती किसलिए कर रही है ? उनदिनों तो सोनिया की बात थी, अब सोनिया पुत्र को देखें हर जगह दोगले पण की बात करते फिर रहा है | इसका चरित्र ही दोगलेपण की है, भारत ने सैनिक हमला किया पाकिस्तान पर, उस समय बोला मैं हमारे सेना को सेलूट करता हूँ सरकार का समर्थन करता हूँ | फिर उसने प्रमाण मांगना शुरू किया यह क्या चरित्र है ? यही हाल केजरीवाल का है पहले समर्थन की फिर सबूत मांगने लगे | ठीक यही हाल ममता दी दी का है देश इनसबको प्यरा नहीं है इन्हें अपना नेता गिगिरी प्यारा है | यह जो चरित्र है यह देश के लिए खतरा है |
अगर सही में यह लोग देश भक्त होते तो सरकार से पूछने के बजाय खुद जा कर तहकिकात करते, सही में अगर इनसब को पाकिस्तान का हमदर्द बनना है तो वहां जा कर पता करने पर ज्यादा उनके हिमायती बन जाते |
यही कहते देखा शिला दीक्षित के पुत्र को, कल देखा दिग्विजय सिंह को भी यही बोलते हुए | अब तो कांग्रेस की रैली में यह नेता कहने लगे पाकिस्तान को वोट देना है बीजेपी को नहीं | इस से यह अंदाजा लगाया जा सकता है की इन नेताओं के दिमागका दिवाला निकल चूका है, इन मुर्ख लोगों को पता ही नहीं है की भारत में वोट किनको और कौन देता है ? क्या पाकिस्तान इस देश में सरकार चलाने आये गी, जिन्हें यह ज्ञान ही नहीं है क्या इस देश में उसे रहने का अधिकार है ? यह लोग भूल किस लिए जाते हैं की इनलोगों ने अब तक क्या क्या किया है भारत वासियों के साथ ? भारत वासी इन लोगों का सब कुछ सहन करते रहे | फिर दूसरी बात है इनकी आपसी फुट ने ही गोवा में सरकार बनाने के राज्यपाल से नही मिल सके | इसके लिए भी बीजेपी दोषी है क्या ? यह इन पुराणी बातों को क्यों नहीं देखते ?
यह कांग्रेसी सब के सब निर्लज्य है, वरना जो हार इनकी यूपी में हुई अगर यह शर्मदार होते तो सारे कांग्रेसी मुंह छुपाकर ही निकलते | यूपी वालों ने जो दशा करदिया इन कांग्रेस पार्टी की इन कांग्रेसियों की जुबान में ताला लगा लेनी चाहिए थी, पर यह है ही अधम, इनलोगों को आत्म चिंतन करना चाहिए था, अगर यह लोकलाज से डरते होते ? पर क्या करें इन्हें तो ना लोक है और ना लाज है |
अभी बसपा जैसी सिर्फ उप की जो पार्टी है वह इस राष्ट्रिय कांग्रेस पार्टी को साथ लेने से मना कर दिया, बंगाल में भी ममता इनके साथ देने से मना कर दिया यां कितने बेशर्म लोगों की यह पार्टी बन गयी जिस पार्टी को कितने बड़े से बड़े लोगों ने साथ दिया आज इस अधकचरे के कारण कोई साथ देने को तैयार नहीं क्यों यह सोच भी इनके पास नहीं है यह है आज की कांग्रेस, इनका कोंग ख़तम हो कर मात्र रेस ही रह गया है |
भारत वासियों यह समय बार बार आना नहीं है देश को बचाना है तो इन देश विरोधियों को वोट न दें ||
महेन्द्रपाल आर्य =यह लेख पुराना है होमपेज में डाला किसी ने उसे पुनर जागरण करते हुए =14-3-19