कुरान का वितरण 5 क्यों 50 या 500 क्यों नहीं ?

कुरान 5 ही वितरण क्यों 50 या 500 क्यों नहीं ?

आज यह अनुखी सजा सुनाने वाले जज को सम्पूर्ण भारतवासियों को शायद नतमस्तक होना पड़ेगा ? कारण आज़ाद भारत का यह प्रथम विचित्र फैसला किसी जज ने सुनाया है |

हमारे देश का प्रधान मंत्री गलती करे उनके लिए भी सजा है | जैसा पहले इंदिरा गाँधी को भी एरेष्ट किया गया था | सरकारी तंत्र से लेकर एक साधारण व्यक्ति गलती करे तो न्यायाधीश उन्हें सजा सुना देते है |

पर भारतका दुर्भाग्य यह है की जज अगर कोई गलत फैसला सुनाएँ तो उनके लिए कोई सजा की प्रावधान ही शायद न हो हमारे देश में ? क्या जज मानव नहीं है क्या मानवों से गलती नहीं होती ?

अगर मानव ही हैं जज तो उनसे गलती नहीं हो सकती इस पर मोहर किसने लगाई ? क्या जज को परमात्मा माना जाता है हमारे देश में, की जिनसे कोई गलती हो ही नहीं सकती ? जब की न्यायलय के जज, कोई हिन्दू है- कोई मुसलाम्मान – कोई ईसाई भी – इसके अतिरिक्त कोई कोंग्रेसी है – कोई कम्युनिष्ट भी और कोई भाजपाई भी | तो इन लोगों से गलती होना संभव क्यों नहीं ? पिछले दिन इन्ही जजों ने प्रेसवार्ता की थी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्याधीश के खिलाफ | वह किस लिए हुवा अगर इन्हें परमात्मा माना गया तो ?

हम भारतवासी जानना चाहते हैं ,की जिस कुरान की 24 आयतों पर प्रतिवन्ध लगाने के लिए दिल्ली के मेट्रो पोलिटन मजिस्टेट से अपील की गई थी की यह आयतें आपत्तिजनक है । यह अपीलअखिलभारत हिन्दू महासभा द्वारा रिट ,और कोलकाता हाई कोर्ट में कुरान पर प्रतिवन्ध लगाने को रिट दायर किया गया हो ।

राँची के न्यायधीश द्वारा उसी कुरान का वितरण, उन्ही लोगों में जिनके पास पहले से मौजूद हो कुरान,उन्हें कुरान देने का फैसला क्या यह न्याय संगत है ? अगर अनजान लोगों में वितरण करते जो नहीं जानते हैं कुरान को यह होना नही चाहिए था ?

मेरा प्रश्न फैसला सुनाने वाले ज़ज़ से भी है क्या उन्हों ने कभी कुरान को पढ़ कर देखा है – क्या लिखा है उस कुरान में ? अगर नहीं तो उसे वितरण करने का फैसला क्यों और कैसे सुनाया गया? , अगर भारत का सर्वोच्य न्यायालय इसे निरस्त करे तो राँची के न्यायाधीश पर गलत फैसला सुनाने का दोषी माना जायेगा? सम्पूर्ण भारत वासी जानना चाहते हैं, | आज रात 9 बजे फेसबुक लाइव में आ रहा हूँ – आप लोग ज्यादा से ज्यादा भाग लेने की कृपा करें | धन्यवाद के साथ महेन्द्र पाल आर्य, राष्ट्रीय प्रवक्ता, राष्ट्र निर्माण पार्टी।