कुरान के सच न होने का सबसे बड़ा प्रमाण कुरान ही है

|| कुरान के सच ना होने का सबसे बड़ा प्रमाण कुरान ही है ||
बंधुओं कल मैंने आप लोगों को लिख कर बताया था अपने पेज में, की कुरान का पर्दा फाश होने लगा है कुरान के नाम से दुनिया के मानव कहलाने वालों को कब तलक मुर्ख बनाते रहेंगे यह कुरान वाले ?

दुनिया के मानव कहलाने वाले सत्य से रूबरू होने में अग्रसर हैं, सम्पूर्ण विश्व में कुरान और बाइबिल जैसी अमानवीय विचारधारा वाली पुस्तक को, ईश्वरीय किताब बताकर आज धरती पर मानव मानवों को कतल करने में आमादा हैं |

जिस कुरान और बाइबिल में मानवता विरोधी बातें भरी पड़ी हों ऐसी पुस्तक को ईश्वरीय कहना ईश्वर पर भी दोषारोपण कर न है |

इस बात कू आज धरती पर किसी मुल्क वालों ने समझा तो वह मुल्क है चीन , जहाँ पर यह कुरान नामी पुस्तक पर प्रतिबन्ध है | मात्र कुरान ही नहीं अपितु इस्लाम पर भी प्रतिबन्ध इस्लामी नाम रखने से लेकर, इस्लाम की किसी भी कृया कलापों पर प्रतिबन्ध है | दुनिया के किसी भी मुसलमान को जुबान खोलने की हिम्मत नहीं है |

भारत को अपना जागीर समझ कर आये दिन कहीं ना कहीं, कुछ ना कुछ उपद्रोव इन इस्लाम वालों का चलता ही रहता है जो मानवता विरोधी है |

आज मैं कुरान असत्य है क्यों और कैसे, इसका प्रमाण कुरान से ही दे रहा हूँ कुरान वाले कहते हैं कुरान में एक आयात है अयात्ल कुर्सी के नाम से जो सूरा न० 2 बकर का आयात न० 255 है | इसके लिए इन कुरान वालों की मान्यता है की यह आयात ही नहीं यह महान शक्ति है | इसे पढ़ कर अगर भय भीत व्यक्ति पर फूंक मार दिया जाये तो वह अभय हो जाता है |

और भी बड़ी बड़ी उपकारिता इस आयत की बताई गई है, किन्तु आज वह असत्य और झूठ सिद्ध हो रही है | कैसा देखें अगर यह अभय दान वाली आयत है तो यह इस्लामी आतंकवादी डर से छुपते क्यों फिर रहे हैं ?

दूसरी बात अगर यह आयत इतना कारगर है तो इसी आयातों से आतंकवादी एक जगह बैठे बैठे सारा काम क्यों नहीं करवालेते, इन्ही आयातों से ?
इस आयत के लिए इस्लाम जगत के विद्वानों ने बहुत कुछ लिखा है एक छोटा प्रमाण निचे फोटो मैं दे रहा हूँ उर्दू जानने वाले इसे पढ़कर देखें कितना गप्प है इस आयात के सन्दर्भ में | धयवाद के साथ =महेन्द्र पाल आर्य =20/३/19 Ayat-ul-Kursi-Ki-Fazilat1