|| कुरान में अल्लाह की अमानवीय व्यवस्था ||

|| कुरान में अल्लाह की अमानवीय व्यवस्था ||
हम मानव सृष्टि की सबसे उत्कृष्ट प्राणी हैं यह प्राय: मत पन्थ की पुस्तक में पढने को मिलता है | इसका कारण है मानव को परमात्मा ने बुद्धि दी है जो किसी और अन्य जीवों को या अन्य प्राणियों को नहीं मिला, और यह आया है जन्मान्तर वाद कर्मफल के आधारपर | मानव अपनी अक्ल या बुद्धि का प्रयोग करते हुए चन्द्रयान का भी सफर तैय करने लगा है | और यह बुद्धि एक ऐसी चीज है की इसे जितना चाहे उसे बढाया जा सकता है | अर्थात मानो बुद्धि को तेज या पैनी बनाया जा सकता है जितना धार लगायेंगे उतनी की यह निख्ररता जायेगा | इसी प्रकार जो अपनी बुद्धि को प्रयोग में लाता है उसी का ही नाम मानव है |
यहाँ परमात्मा के पास ना कोई हिन्दू हैं ना कोई मुसलमान, ना कोई जैनी है और ना कोई बुद्धिष्ट है ना कोई सिख | इसे जानना मानव कहलाने वालों के लिए बहुत जरूरी था, किन्तु यह कुरान और बाइबिल के चंगुल में फंसकर यह मानव कहलाने को तैयार नहीं | तो यह जो कुरान है इसमें किस प्रकार अमानवीय बातों को सिखाया मुसलमानों को वह देखें |
وَالسَّارِقُ وَالسَّارِقَةُ فَاقْطَعُوا أَيْدِيَهُمَا جَزَاءً بِمَا كَسَبَا نَكَالًا مِّنَ اللَّهِ ۗ وَاللَّهُ عَزِيزٌ حَكِيمٌ [٥:٣٨]
और चोर ख्वाह मर्द हो या औरत तुम उनके करतूत की सज़ा में उनका (दाहिना) हाथ काट डालो ये (उनकी सज़ा) ख़ुदा की तरफ़ से है और ख़ुदा (तो) बड़ा ज़बरदस्त हिकमत वाला है {सूरा 5 /38 }

यहाँ अल्लाह का हुक्म है कोई भी स्त्री हो या पुरुष चोरी में पकडे जाएँ तो उनके दाहिने हाथ काट डालो यह सजा {punishment} अल्लाह की तरफ से हैं | अब सवाल होगा कितनी धन की चोरी करने पर उनके दाहिने हाथ काटे जायेंगे ?तो कुरान के भाष्यकार इबनेकसीर में लिखा है =तीन देरहम से बारा देरहम | मेरा सवाल है इन कुरान की अमानवीय व्यवस्था पर क्या परमात्मा के बनाये हुए इस हाथ की कीमत यही है या इतना ही है ? मैं इस कुरान के मानने वालों को 3 =नहीं 12 =भी नहीं एक लाख देरहम देना चाहता हूँ = सिर्फ मानव का एक नाख़ून ही बना दे मेरी चुनौती है सम्पूर्ण कुरान के मानने वालों से | कल 26 /5/ 19 को सुबह 9 बजे इसपर बोलने के लिए फेसबुक में लाइव आ रहा हूँ | आप लोगों से विनती है की आप लोग भी अपना समय अवश्य निकालें | धन्यवाद के साथ महेन्द्रपाल आर्य = 25 =5 =19 =