कुरान में अल्लाह ने कहा कुरान का नकल नहीं बना सकते = यह है नकल कुरान का |

अली रज़ा पंडित जी आपको एक सुझाव दिया था मैने कि आप कुरआन और अल्लाह को मानते नही हो तो यह रोज़ रोज़ की खिचखिच खत्म किजिए एक ही हमले मे कुरआन और इस्लाम को खत्म कर दिजीए। कुरआन 1400+ सालों से चैलेंज कर रहा है कि “सब लोग मिलकर कुरआन के जैसी सिर्फ एक आयत ही बना कर दिखा दो” । आपने इतने विद्वान पंडित क्यों नही एक आयत कुरआन जैसी बनाकर कुरआन को झूठा साबित कर देते? या अभी भी अंदर से मुसलमान हो ऐसा करने की हिम्मत नही और सिर्फ घर चलाने के लिए यह सब कर रहे हो? जब एक झटके मे कुरआन का अस्तित्व खत्म हो सकता है तो आप एक एक करके डिबेट कर के क्यों अपनी ऊर्जा और समय व्यस्त कर रहे हो। दुनिया को छोड़ो सीधे अल्लाह से मुकाबला करो जो आपके अनुसार है भी नही। या डर लगता है पंडित जी एक सूरह कुरआन जैसा बनाने से?|

 

Mahendra Pal Arya यह लो मुयाँ किस दुनिया में रहते हो ? अरबी में लिखूं तुम पढ़ पावगे या नहीं ? हिंदी में ही लिखता हूँ कुरान जसी अरबी अर्थ समझ लेना अगर पढ़े लिखे हो तो | { काला रब्बिल मुसलेमीन, व खालेकुश्शायातीं , फी किताबिहिल कुरआन , लिन्ना सिल आ लमीन, फातु बे सुरतिम मिम मिस्लेही वदयु शुहदयाकुम मिन्दुनिल्लाहे इन कुन्तुम सादेकिन, फज़र्रेबू बिल ईमान वला तकुनु मिनल काफेरिन व ओम यशहदु अन्नी मिनास्सदेकिन, व इन कुन्तुम फी शक्किम मिम्मा आतैना खालिफतेना फातु बुर्हंकुम व अस्यलुकुम रब्बीकम इन कुंतुम मोमेनीन || मियां अली रज़ा यह देखो 10 आयत मेरे द्वारा बनाया गया | इसका अर्थ तुम्हें बनाकर देना है आ जाव मैदान में |

 

अर्थ भी लिख देता हूँ ले पकड़ मजबूती के साथ | अर्थ :-कहा मुसलमानों के रब ने | शैतान के पैदा करने वाले ने | अपनी कुरान में की तुम नकल नहीं बना सकते | यह लाया हूँ मैं नकल मुरन का | बुला अपने अल्लाह को और अपनी हिमायती को भी | मुझे  झुठला कर देख मेरा ओम साक्षी है मैं सच बोलने वालों में हूँ | महेन्द्रपाल आर्य =7 /9 /18 =