कुरान से प्रमाणित अल्लाह निराकार नहीं |

कौन कहता है अल्लाह निराकार है?देखें कुरान ||
दुनिया के लोग मानते हैं, अल्लाह निराकार है, यह बिलकुल अनभिज्ञता वाली बात है जो लोग कुरान को नहीं जानते वही लोग कुरानी अल्लाह को निराकार मानते हैं और कहते हैं | किन्तु कुरान को ध्यान पूर्वक पढ़ने से यह पता लगता है, अल्लाह ने कुरान में खुद फ़रमाया उन्हों ने अपने दोनों हाथों से हजरत आदम को बनाया, जो कुरान के सूरा स्वाद =आयत =75 में अल्लाह ने जिक्र फ़रमाया है,देखलें |
قَالَ يَٰٓالَـاِبْلِيْسُ مَا مَنَعَكَ اَنْ تَسْجُدَ لِمَا خَلَقْتُ بِيَدَيَّ ۭ اَسْتَكْبَرْتَ اَمْ كُنْتَ مِنَ الْعَالِيْنَ 75؀حق تعالیٰ نے فرمایا اے ابلیس تجھے کس چیز نے روکا اس بات سے کہ تو سجدہ کرے اس (عظیم الشان ہستی) کے آگے جس کو میں نے خود بنایا اپنے دونوں ہاتھوں سے؟ (کیا تو یونہی اپنی بڑائی کے گھمنڈ میں مبتلا ہوگیا یا تو (واقع میں کوئی) بڑے درجہ والوں میں سے ہے؟
He (Allah) said, 😮 Iblis, what did prevent you from prostrating yourself before what I created with My hands? Did you wax proud or were you among the lofty ones?
कहा, “ऐ इबलीस! तूझे किस चीज़ ने उसको सजदा करने से रोका जिसे मैंने अपने दोनों हाथों से बनाया? क्या तूने घमंड किया, या तू कोई ऊँची हस्ती है?”
मैंने कुरान के अरबी जुबान का आयात को पहले दिया, अनुवाद उर्दू को उसके बाद दिया, फिर अंग्रेजी में अनुवाद को दिया, और अंत में हिन्दी में जो अनुवाद मौलाना फारुख खान साहब ने किया है उसे ही दिया है |
शब्द पर ध्यान देना अल्लाह ने इबलीस से कहा ऐ इबलीस तुझे किस चीज ने उसको सिजदा करने से रोका, जिसे मैंने अपने दोनों हाथों से बनाया ? यहाँ सवाल यह भी है की कुरान में अल्लाह बातें भी करते हैं, तभी तो इबलीस नामी शैतान से कहा | की तुझे किसने रोका, मतलब ऋषि दयानन्द जी ने ठीक ही सवाल उठाया कि अल्लाह से बड़ा कोई और अल्लाह है जिस का नाम लेकर यहाँ अल्लाह ने शुरू किया ? यहाँ अल्लाह खुद कह रहे हैं ऐ इबलीस तुझे किसने रोका उसको {यानि आदम } को सिजदा करने से ? फिर कहा, जिसको बनाया मैंने अपने दोनों हाथों से ? जब अल्लाह का दो हाथ है कुरान के अनुसार, जो यहाँ अल्लाह ने साफ कहा है, फिर कोई कहे की अल्लाह निराकार है | तो यह कुरान के खिलाफ ही हैं जो लोग कुरान को पढ़ते हैं उन्हें ध्यान से देखना चाहिए अल्लाह ने कुरान में क्या फ़रमाया ?
मैं एक और प्रमाण दे रहा हूँ ध्यान से देखें, यहाँ अल्लाह ने क्या फ़रमाया है | यह सूरा =हाक्का 17
وَالْمَلَكُ عَلَىٰ أَرْجَائِهَا ۚ وَيَحْمِلُ عَرْشَ رَبِّكَ فَوْقَهُمْ يَوْمَئِذٍ ثَمَانِيَةٌ [٦٩:١٧]فرشتے اس کے کناروں پر ہوں گے اور اٹھائے ہوں گے تمہارے رب کے عرش کو اپنے اوپر اس روز آٹھ فرشتے
And the angels will be on its borders. And on that Day, the Throne of your Lord will be carried above them by eight (angels)
और फ़रिश्ते उसके किनारों पर होंगे और उस दिन तुम्हारे रब के सिंहासन को आठ अपने ऊपर उठाए हुए होंगे |
यहाँ ध्यान देने योज्ञ बात है की अल्लाह जिस सिंहासन बैठे होंगे उसी सिंहासन के किनारे खड़े होंगे आठ फ़रिश्ते, और अल्लाह का सिंहासन को अपने उपर उठाएंगे होंगे | अब सिंहासन पर बैठने वाला अल्लाह शारीर धारी होंगे अथवा निराकार ? सवाल ही पैदा नही होता की अल्लाह निराकार है | अल्लाह शारीर धारी ही है कुरान में एक व्यक्ति विशेष का नाम ही अल्लाह है | जो अपना आदेश देता है सिर्फ मुसलमानों को, मुसलमान छोड़ क्र अल्लाह गैर मुस्लिम को पसन्द नही करते | यह लेख पहले का है =फिरसे याद दिलाया =
महेंद्र पाल आर्य =वैदिक प्रवक्ता = 21/4/16= आज 25/11/20