कुवां अन्य के गिरने को खोदते हैं लोग, गिरते खुद है |

|| कहते हैं कुवां,खोदा जाताहै दूसरों के लिए,गिरते खुद ||
लोकाचार की यह कथा है की लोग कुवां दूसरों को गिरने या गिराने के लिए खोदते हैं किन्तु गिरते वह ख़ुद है | कुरान में यह बात किस प्रकार चरितार्थ हुवा है देखें कुरान को दुनिया के लोग कलामुल्लाह कहते हैं अर्थात अल्लाह की कलाम, फरमाने इलाही है, उसी कुरान में अल्लाह ने क्या कहा है देखें |
أَلَمْ تَرَ أَنَّا أَرْسَلْنَا الشَّيَاطِينَ عَلَى الْكَافِرِينَ تَؤُزُّهُمْ أَزًّا [١٩:٨٣]
(ऐ रसूल) क्या तुमने इसी बात को नहीं देखा कि हमने शैतान को काफ़िरों पर छोड़ रखा है कि वह उन्हें बहकाते रहते हैं | यह है सूरा न० 19 =आयत 73

अल्लाह अपने रसूल को ताकीद कर रहे हैं, ऐ रसूल क्या तुमने इस बात को नहीं देखा, की हमने शैतान को काफिरों पर छोड़ रखा है की वह उन्हें बहकाते रहे,गुमराह कतरे रहे,पथ भरष्ट करते रहे |
विचारणीय बात है की एक अच्छा मानव भी नहीं करता इस बहकाने वाली बात को, यहाँ अल्लाह खुद कर रहे हैं,अपने नबी को की हमने शैतान बनाया इसी लिए की वह काफिरों को बहकाए |
अब सवाल यह है की अल्लाह ने शैतान बनाया है काफिरों को बहकाने के लिए पर उसू बहकावे में तो अल्लाह खुद फंस गये | कारण फरिश्तों ने अल्लाह को मना कियाथा इन्सान आप किस लिये बनायेंगे हम तो आप की इबादत करते हैं | अल्लाह ने कहा मैं जो जनता हूँ वह तुम नहीं जानते, जैसा
وَإِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلْمَلَائِكَةِ إِنِّي جَاعِلٌ فِي الْأَرْضِ خَلِيفَةً ۖ قَالُوا أَتَجْعَلُ فِيهَا مَن يُفْسِدُ فِيهَا وَيَسْفِكُ الدِّمَاءَ وَنَحْنُ نُسَبِّحُ بِحَمْدِكَ وَنُقَدِّسُ لَكَ ۖ قَالَ إِنِّي أَعْلَمُ مَا لَا تَعْلَمُونَ [٢:٣٠]
और (ऐ रसूल) उस वक्त क़ो याद करो जब तुम्हारे परवरदिगार ने फ़रिश्तों से कहा कि मैं (अपना) एक नाएब ज़मीन में बनानेवाला हूँ (फरिश्ते ताज्जुब से) कहने लगे क्या तू ज़मीन ऐसे शख्स को पैदा करेगा जो ज़मीन में फ़साद और खूँरेज़ियाँ करता फिरे हालाँकि (अगर) ख़लीफा बनाना है (तो हमारा ज्यादा हक़ है) क्योंकि हम तेरी तारीफ व तसबीह करते हैं और तेरी पाकीज़गी साबित करते हैं तब खुदा ने फरमाया इसमें तो शक ही नहीं कि जो मैं जानता हूँ तुम नहीं जानते | बकर =30

यहाँ अल्लाह ने साफ कहा मैं जो जानता हूँ वह तुम नहीं जानते, और बड़े अरमान से अल्लाह ने आदम बनाया | और आदम को यह भी बताया अल्लाह ने की शैतान तुम्हारा खुला दुशमन है उसे के बहकावे में मत आना | यहाँ भी अल्लाह की बात मिथ्या प्रमाणित हुई, की अल्लाह ने शैतान बनाया ही है काफिरों को बहकाने के लिए, तो आदम क्या काफ़िर ? अथवा अल्लाह का प्यारा पैगम्बर पहला इन्सान अल्लाह का शौक से बनाया हुआ | अब उसी आदम को उसके पत्नी दोनों को ही शैतान ने बहका दिया, फिर अल्लाह का यह कहना की शतं को बनाया काफिरों को बहकाने के लिए यह असत्य हो गया | या फिर आदम को भी काफ़िर मानना पड़ेगा | सही क्या है कौन सही है इसलाम के जानने वाले बताएं अल्लाह की कौन सी बात सत्य हैं |
महेन्द्रपाल आर्य =वैदिकप्रवक्ता दिल्ली =13 =11 =17