|| कोई चीज बनाने को 3 का होना जरूरी है ||

|| कोई चीज बनाने को 3 का होना जरूरी है ||
वैदिक मान्यता है की किसी भी वास्तु को बनाने के लिए तीन की आवश्यकता होती है, इसके बिना किसी भी वास्तु का बनना या होना संभव नहीं है | इसीको ईश्वर प्रकृति और जिव बताया गया | एक से बनना, एक के लिए बनना, एक के द्वारा बनना | जिसे ऋषि दयानन्द जी ने मिटटी, चाक, और कुम्हार बताया है |
दुकानदार, बेचने को सामान, और खरीदार, पूजा करने वाला, जिनकी पूजा की जाये, और पूजा की सामग्री | नमाज में भी यही तीन चाहिए, नमाजी, नमाज, और नमाज की स्थान |
अर्थात किसी भी सामान को बनाने के लिए तीन के बगैर कुछ भी बनना संभव नहीं | परन्तु कुरान और अल्लाह अथवा इसलाम इस से सहमत नहीं | कुरान में अल्लाह ने कहा किसी चीज को बनाने के लिए सिर्फ मुझे एक बार कुन कहने पर सब कुछ हो जाता है | देखें कुरान |
إِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ [١٩:٣٥
अर्थ :- जब वह किसी काम का करना ठान लेता है तो बस उसको कह देता है कि ”हो जा” तो वह हो जाता है sura 19 mariyam 35
إِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ [٣:٤٧]
अर्थ :- ख़ुदा जो चाहता है करता है जब वह किसी काम का करना ठान लेता है तो बस कह देता है ‘हो जा’ तो वह हो जाता है | sura3 imran 47
إِنَّ مَثَلَ عِيسَىٰ عِندَ اللَّهِ كَمَثَلِ آدَمَ ۖ خَلَقَهُ مِن تُرَابٍ ثُمَّ قَالَ لَهُ كُن فَيَكُونُ [٣:٥٩]
अर्थ :- ख़ुदा के नज़दीक तो जैसे ईसा की हालत वैसी ही आदम की हालत कि उनको को मिट्टी का पुतला बनाकर कहा कि ‘हो जा’ पस (फ़ौरन ही) वह (इन्सान) हो गया| sura3 imran 59
فَإِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ [٤٠:٦٨
अर्थ :- फिर जब वह किसी काम का करना ठान लेता है तो बस उससे कह देता है कि ‘हो जा’ तो वह फ़ौरन हो जाता है |

ِنَّمَا قَوْلُنَا لِشَيْءٍ إِذَا أَرَدْنَاهُ أَن نَّقُولَ لَهُ كُن فَيَكُونُ [١٦:
अर्थ :- हम जब किसी चीज़ (के पैदा करने) का इरादा करते हैं तो हमारा कहना उसके बारे में इतना ही होता है कि हम कह देते हैं कि ‘हो जा’ बस फौरन हो जाती है (तो फिर मुर्दों का जिलाना भी कोई बात है) | sura 16/ 40

إِنَّمَا أَمْرُهُ إِذَا أَرَادَ شَيْئًا أَن يَقُولَ لَهُ كُن فَيَكُونُ
उसकी शान तो ये है कि जब किसी चीज़ को (पैदा करना) चाहता है तो वह कह देता है कि ”हो जा” तो (फौरन) हो जाती है | sura 36 /82

दुनिया वालों मैंने कुरान से यहाँ कई जगह से प्रमाण दिया है इसपर विचार करना है और जो लोग यह कहते हैं मानते हैं की कुरान का अल्लाह निराकार है बिना शारीर वाला है | तो उन्हें यह प्रमाण दिया जाए की कुरान में देखो भाई अल्लाह ने क्या कहा है ?
कुरान से यह प्रमाणित हो रहा है की यह विज्ञान विरुद्ध मान्यता है अगर अल्लाह के कहने पर हो जाता और होना संभव है तो दुनिया बनाने में अल्लाह को 6 दिन क्यों लगे ? फिर होजा कहने मात्र से अगर हो जाता है तो शैतान को आदम के सामने सिजदा क्यों नहीं करवा सके ? आदम को एक फल के खाने से रोक नहीं सके यह कहाँ और किस प्रकार सत्य हो सकता है ?
महेन्द्रपाल आर्य =13 /12 /18 =