तर्क की कसौटी पर कुरान व बाइबिल

|| कुरान व बाइबिल सत्य से बहुत दूर ||
परमात्मा ने मानव को अक्ल दिया है उससे काम लेने के लिए, अगर अक्लका प्रयोग मानव ना करे, तो लोग उसे पागल कहते हैं |
 
कुरान और बाइबिल में इस अक्ल का प्रयोग ही नहीं हुवा | और कुरान तथा बाइबिल वालों को कुरान और बाइबिल में ही तर्क के कसौटी पर खोजने को मना किया गया है |
 
जब हमारा नाम मानव पड़ा युक्ति तर्क और प्रमाण के साथ सत्य असत्य का निर्णय लेने के लिए, इसके बाद भी हम तर्क से दूर हो जाएँ तो इसका मतलब हुवा मानवता से दूर हो जाना |
 
बात क्या है वह देखें > कुरान और बाइबिल ने माना अल्लाह -गॉड ने सृष्टि के प्रथम में मिटटी से एक मानव बनाया उसका नाम आदम रखा |
 
हैवन -या जन्नत में रखा अल्लाह ने सोचा इसकी जोड़ी होनी चाहिए एक औरत, उसी आदम के पसली की एक हड्डी से औरत बना दी |
 
सवाल या तर्क से कुरान और बाइबिल वाले यह विचार नहीं कर सकते -की बिना होस्पिटल -बिना नरसिंहोम – बिना सर्जन – बिना इंस्ट्रूमेंट – बिना नर्स – और बिन दावा व बिन मलहम पट्टी के यह काम कैसे संभव हो सका ?
कुरान और बाइबिल में इसी प्रकार बिना युक्ति तर्क वाली बातें भरी पड़ी है- मैं सिर्फ एक नमूना प्रस्तुत कर रहा हूँ | अगर सम्भव हुवा तो कल रविबार 24 /11/19 को विडिओ बनाकर दूंगा आप लोगों को |
 
विशेष कर सर्जिकल स्ट्राइक सीरियल चलाने वाला मुफ़्ती यासिर जैसे बडबोले की बोलती बन्द करूंगा जो बहुत भांजता है = और पादरी तथा गिरजा घरों के सभी धर्म गुरु कहलाने वालों के लिए विशेष यह विडिओ बनाऊंगा |
 
अप लोग सुनकर हैरान होंगे की दुनिया में ऐसे भी धर्म ग्रन्थ है जहाँ बुद्धि का प्रयोग ही नहीं है | महेन्द्रपाल आर्य = 23 /11/19 =