तीर एक निशाना तीन जरुर पढ़ें |

||एक ही तीर से, तीन शिकार, ज़रूर पढ़ें ||
|| तीन मुस्लिम वाहिद, राज खान, व अरमान अन्सारी को जवाब ||
 
दो मुस्लिमों ने दुसरे पेज में सवाल किया था उन सब का जवाब एक जगह कर दिया | आबिद + राज खान +और अरमान अन्सारी को जवाब |
 
Abl Wahid Hlw…. mahendra ji… main ek muslim hu aur main aapko sunna chahta hu .. kyoki mujhe sanatan dharm apnana h… kya aap madad krenge
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Mahendra Pal Arya
Mahendra Pal Arya मेरे भाई वाहिद जी मैंने देखा आपके विचार, पहले तो आप से आग्रह है की आप मुझे सुनना चाहते हैं, मेरे बहुत विडिओ लगा है youtube में आप वहां सुन सकते हैं मेरे चेंनल में जा कर आप को क्या सुनना है सृष्टि विषय से लेकर, धर्म क्या ? कबसे है, और किनके लिए हैं ? ईश्वरीय ज्ञान क्या है, किन्केलिये हैं, और कबसे हैं ? मानव क्या हैं, मानवता क्या है, मानव किसे कहागया ? आदि सभी विषयों पर मेरा विडिओ लगा है आप उसे भली प्रकार सुन सकते हैं | रही बात आप को सनातन धर्म अपनाना है वह किस लिए ? क्या आप यह जानते हैं की आप सनातन धर्म वाले नहीं है ? सृष्टि के प्रारम्भ से मानव मात्र का धर्म एक ही है | इसी विषय को आप मेरे लगे विडिओ में सुनिए फिर उसके बाद आप की कहीं शंका रह जाये तो चर्चा करेंगे |
 
Raj Khan Pandit mera ek sawal hai tumse zara ye batana iss dharti per manav se pehle kaun sa jiv rehta tha??aur ved ke anusar kiya koi manav ki tarah budhi rakhne wala koi aur parani hai??
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Pandit Mahender Pal Arya मियाँ खान तुम्हें पता ही नहीं है की सृष्टि की रचना कैसे हुई और उस सृष्टि में सबसे पहले क्या बनाया गया अथवा क्या क्या बनें है ? तुमने इसे वेद में क्या वर्णन है जानना चाहा ? मियाँ जी अगर खान हो तो पहले कुरान में क्या बना क्या क्या बना ? अल्लाह ने धरती कैसी बनाई यह सब जानना था | पर अपने बारे में जान करी है नहीं दुसरे के बारे में तुम्हें जानकारी चाहिए ? तो सुनो सबसे पहले आकाश {खली जगह } बनी, जगह खाली यही स्थान खली होने पर, हवा बहेगी | उसी तेज हवा के झोंके से घर्षण पर अग्नि की उत्पत्ति हुई | अग्नि से जल, जलसे वनस्पति, अनाज उत्पन्न हुवा | जब खुराक हमारी बन चुकी उसके बाद मानव की उत्पत्ति हुई | आज भी जब मानव धरती पर नहीं आया तो माँ के स्तन में उसका खुराक आ जाता है समझे मियाँ जी ? इस प्रकार सृष्टि को समझने के लिया इसे समझना चाहिए | रही बुद्धि की तो सृष्टि रचने वाले ने मानव के अतिरिक्त बुद्धि किसी को नहीं दी है | मानव में यह खूबी दी की मानव अपनी बुद्धि को बढ़ा सकता है यह गुण अन्य और किसी प्राणी में नहीं है मियाँ यह बात पूरी कुरान को छान लो कहीं भी मिलना सम्भव नहीं है |
 
Armaan Ansari Pndit ji agar Vedic dharm hi satya dharm hai to andhkar ki tarah kyu simat kar rah gya?
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Jitendra Yadav वेद सिमटने वाला नही है,क्योकि वेद ईश्वर का ञ्यान है,
Pandit Mahender Pal Arya अरमान मियाँ जिन लोगों की दिमाग में यह बात हो, की किसी एक व्यक्ति ने चाँद को ऊँगली की ईशारे से दो टुकड़ा किया ? इसे जो लोग सच मानते हों उन्हें ज्ञान से क्या मतलब ? जब वह सोच ही नहीं सकते की चाँद है आकाश में और धरती पर खड़ा आदमी उसे टुकड़ा करे यह अक्ल जिनलोगों में नहीं है वह कैसे जानेंगे वेद ज्ञान अथवा वैदिक धर्म सिमट गया अथवा इसका विस्तार हुवा ? दूसरी बात यह भी जो लोग नहीं सोचते की चाँद पूरी धरती पर रहने वालों के लिए है, उसे टुकड़ा होते एक अरब को छोड़ दुनिया के अन्य स्थान पर रहने वालों ने देखा तक नहीं ? कारण कुरान को छोड़ कर यह यह किस्सी किसी और किताबों में नहीं है ? और ना किसी वैज्ञानिकों ने इसकी चर्चा की कहीं ? जनाब आप ने कहा सत्य सनातन वैदिक धर्म क्यों सिमट कर रह गया ? अरे मियाँ अगर वैदिक धर्म सिमट कर रह गया होता तो कुरान पर सवाल कौन उठाता ? अगर वैदिक धर्म सिमट कर रहगई होती, फिर वैदिक धर्मी कुरान पर सवाल कैसे कर सकते थे ? इसका मतलब यह हुवा की सत्य सनातन वैदिक धर्म की विरिद्धि हुई है तभी तो लोग ज्ञान को अमल पे ला रहे हैं ? अगर ज्ञान की चर्चा नहीं होती फिर लोग सत्य असत्य को कैसे जान सकते थे ?
धन्यवाद के साथ महेन्द्रपाल आर्य =14 /7 /18 =