दुनिया वालों कुरान का अल्लाह मानव जैसा बोलता है |

|| दुनिया वालों कुरान का अल्लाह बोलता है ||

मानव अकल्मन्द है, यही कारन है की हम मानव होने हेतु सत्य असत्य, न्याय, अन्याय, धर्म, अधर्म, सही क्या है गलत क्या है इसपर विचार करते हैं और इसे ध्यान में रखते हुए अपने अकल का प्रयोग करते हैं, उसके बाद हम निर्णय लेते हैं |

आये हम इसी अक्ल का प्रयोग करें, अगर मानव होकर जो अक्ल का प्रयोग नहीं करता लोग उसे पागल कहते हैं | अर्थात जिसके पास बुद्धि ना हो जो बिद्धि का प्रयोग नहीं करता, या बुद्धि से काम नहीं ले सकता उसी का नाम पागल है |

 

जब बिद्धि से काम लेते हैं तभी हम मानव कहलाने का परिचय देते हैं, अर्थात मानव का परिचय सर और सिर्फ,बुद्धि ही है |

उसी बुद्धि के कसौटी पर जब हम विचार करते हैं, तो हमें पता लगता हैं, सृष्टि बनाने वाले ने बात करने की ताकत सिर्फ और सिर्फ इन्सान या मानव को ही दिया है | बाकि जितने भी प्राणी है सब में बोलने की आवाज़ करने की ताकत प्रत्येक में है | परन्तु बार करना हुक्म देना किसी को आदेश करना, किसीसे कुछ माँगने, बोलने कहने की ताकत मात्र इन्सान को ही प्राप्त कराया परमात्मा ने |

इसी इन्सान जैसा बोलते, कहते, और आदेश करने वाला अल्लाह भी हैं, देखें मैंने कुछ प्रमाण कुरान से लिया है | यहाँ अल्लाह किसी चीज को बनाने के लिए जब मनमें सोचते हैं तो मात्र अल्लाह कहते है {कुन} होजा =और {फयाकुन} बीएस होजाता है |

इतना प्रमाण कुरान से मिलने के बाद भी अगर कोई कहे अथवा मानें की अल्लाह निराकार है तो उसे सत्य माना जय अथवा अल्लाह ने जो कुरान में फ़रमाया उसे सत्य माना जाये ?

بَدِيعُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۖ وَإِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ [٢:١١٧]

(वही) आसमान व ज़मीन का मोजिद है और जब किसी काम का करना ठान लेता है तो उसकी निसबत सिर्फ कह देता है कि ”हो जा” पस वह (खुद ब खुद) हो जाता है

Sura 2/117

 

إِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ [١٩:٣٥]

जब वह किसी काम का करना ठान लेता है तो बस उसको कह देता है कि ”हो जा” तो वह हो जाता है  sura 19 mariyam 35

 

 

إِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ [٣:٤٧]

ख़ुदा जो चाहता है करता है जब वह किसी काम का करना ठान लेता है तो बस कह देता है ‘हो जा’ तो वह हो जाता है | sura3 alimran 47

إِنَّ مَثَلَ عِيسَىٰ عِندَ اللَّهِ كَمَثَلِ آدَمَ ۖ خَلَقَهُ مِن تُرَابٍ ثُمَّ قَالَ لَهُ كُن فَيَكُونُ [٣:٥٩]

ख़ुदा के नज़दीक तो जैसे ईसा की हालत वैसी ही आदम की हालत कि उनको को मिट्टी का पुतला बनाकर कहा कि ‘हो जा’ पस (फ़ौरन ही) वह (इन्सान) हो गया| sura3 il imran 59

فَإِذَا قَضَىٰ أَمْرًا فَإِنَّمَا يَقُولُ لَهُ كُن فَيَكُونُ [٤٠:٦٨

फिर जब वह किसी काम का करना ठान लेता है तो बस उससे कह देता है कि ‘हो जा’ तो वह फ़ौरन हो जाता है  | sura 40/58

إِنَّمَا قَوْلُنَا لِشَيْءٍ إِذَا أَرَدْنَاهُ أَن نَّقُولَ لَهُ كُن فَيَكُونُ [١٦:٤٠]

हम जब किसी चीज़ (के पैदा करने) का इरादा करते हैं तो हमारा कहना उसके बारे में इतना ही होता है कि हम कह देते हैं कि ‘हो जा’ बस फौरन हो जाती है (तो फिर मुर्दों का जिलाना भी कोई बात है) | sura 16/ 40

إِنَّمَا أَمْرُهُ إِذَا أَرَادَ شَيْئًا أَن يَقُولَ لَهُ كُن فَيَكُونُ [٣٦:٨٢]

उसकी शान तो ये है कि जब किसी चीज़ को (पैदा करना) चाहता है तो वह कह देता है कि ”हो जा” तो (फौरन) हो जाती है | sura 36 /82

 

दुनिया वालों मैंने कुरान से यहाँ सात {7} जगह से प्रमाण दिया है इसपर विचार करना है और जो लोह यह कहते हैं मानते हैं को कुरान का अल्लाह निराकार है बिना शारीर वाला है | तो उन्हें यह प्रमाण दिया जाएँ की कुरान में देखो भाई अल्लाह ने क्या कहा है ?

धन्यवाद के साथ =महेन्द्रपाल आर्य = राष्ट्रिय प्रवक्ता =राजार्य सभा | 8 /10 /18