प्रधानमंत्री जी को अनपढ़ कहना,क्या भारतियों का अपमान नही ?

प्रधानमन्त्री जी को अनपढ़ बताना,भारतियों का अपमान नही ? |
आज पूरी दुनिया में चर्चा है भारतीय प्रधानमंत्री जी के कार्य शैली व बुद्धिमानी को लेकर | अपने देश भारत में ही नही किन्तु सम्पूर्ण विश्व में माननीय प्रधान मंत्री जी की जो छबी बनी है, वह अपने आप में एक चर्चा का विषय बन गया है |
 
प्रायः विकाश शील देश वाह वाही दे रहे हैं | इस में कोई संदेह नही की प्रधान मंत्री जी ने भारत को सम्मान दिलाया अब तक भारत वर्ष को यह सम्मान कोइ भी प्रधानमंत्री के द्वारा नहीं मिला था | चाहे नरसिम्हाराव जैसे विद्वान भारत के प्रधानमंत्री रहे हों | उनकी जो डिग्रियां थी मेरे विचार से वह एक किलोमीटर की लम्बी थी | ऐसे ही डिग्री धारी भारत के राष्ट्रपति रहे शंकर दयाल शर्मा जी का भी था पर यह सम्मान उन्हें भी नहीं मिला जो मोदी जी को मिला |
 
भारत के जितने भी प्रधानमंत्री बने नेहरु से लेकर अब तक | यह सम्मान किसी को भी नहीं मिला है जो श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी को मिला | यह कोई झूठी बात नही और ना मै बना कर लिख रहा हु | अपितु सम्पूर्ण विश्व के जितने भी नामी ग्रामी पत्रिका या मेगजीन है उसे पढने से ही पता लग जाता है पर पढ़े तो वो जो पढ़े लिखे हो|
 
अब भारतवासियों को यह पड़ताल करनी है भारत के प्रधान मंत्री अपढ़ है या दिल्ली के मुख्यमंत्री ? कही केजरीवाल की डिग्री फर्जी तो नहीं ? क्योकि कोई डिग्री धारी की भाषा शैली ऐसी नहीं होती जैसी केजरीवाल की माननीय मोदी जी ने प्रधान मंत्री की कुर्सी किसी से छिनी नहीं अपितु सम्पूर्ण भारतवासियों ने ससम्मान उन्हें प्रधान मंत्री की कुर्सी पे बिठाया है|
 
केजरीवाल का प्रधान मंत्री को अनपढ़ कहना क्या सम्पूर्ण भारतवासियों का अपमान नहीं ?अमेरिकी प्रधानमंत्री ओबामा हो व लादेन एन पुतिन हो, अथवा किसी भी देश का प्रधानमंत्री हो राष्ट्र अध्यक्ष हो मोदी जी का नंबर सबसे आगे है |यह देख कर भी केजरीवाल ने अपनी मुर्खता का ही उजागर किया |
 
सुनने में आया केजरीवाल ने अपनी जीभ कटवाई थी जीभ कटवाने के बाद भी भारत के राजधानी दिल्ली प्रान्त के मुख्या मंत्री होकर प्रधान मंत्री जी के लिए यह अपमान जनक शब्द लम्बी जीभ वाले ही बोल सकते है फिर केजरीवाल ने जीभ कौन सी कटवाई ?
 
भारत में जितनी भी राजनीती पार्टिया है अथवा उनके सदस्य है, मोदी जी का यह सम्मान मिलना किसीको सहन नहीं हो रहा है या भारतीय नेता गण सहन नहीं कर पा रहे है | केजरीवाल जैसी दशा कोंग्रेस के उपाध्यक्ष बने अधकचरे अपरिपक्व नेता राहुल का भी है | क्योकि भारतीय संस्कार उनको मिला ही नहीं कारण संस्कार देने वाली माँ होती है|
 
वैदिक परंपरा में माता निर्माता भवति कहा गया है राहुल की माँ सोनिया को ही इन संस्कारो के बारे में पता ही नहीं, तो अपने बेटे को संस्कार कहा से देती भला वो भी मर्यादा को ताक पर रख कर बोलते है, आस्तीन उठा उठा कर बोलते है जैसे किसी से लड़ाई झगडा कर रहे हो | जिनकी बोलती बंद करवा दी कुछ महिलाओ ने मिलकर, अभी अभी दादरी के सब्जी मंडी में | पूरी दुनिया के लोग वाहवाही दे रहे हैं श्रीमान मोदी जी को, भारतीय नेताओं को यह सहन ही नही है|
महेन्द्रपाल आर्य =वैदिकपावाकता = दिल्ली = 16 /12 /16