प्रधानमंत्री द्वारा भूमि पूजन क्यों नहीं ?

प्रधान मंत्री द्वारा भूमि पूजन क्यों नहीं ?
देश का कितना बड़ा दुर्भाग्य है की आज प्रधान मंत्री जी के अयोध्या में राम मन्दिर वाला भूमि पूजन का विरोध उन लोगों द्वारा हो रहा है जो सेकुलरिज्म कहकर मुसलमानों का वोट लेते हैं और मुसलमानों को भारत विरोधी विचार सुनाते हैं |
 
जो खुद इस्लाम का तगमा अपने चहरे में लगाये हों और दूसरों को सेकुलरवाद का पाठ बता रहे हों क्या यह दुर्भाग्य की बात नहीं है ?
सभी टीवी चेनलों में दिखाया जा रहा है की असदुद्दीन ओवैसी जिसने कहा मैं भारत माता की जय नहीं बोलूँगा, वह सेकुलरवाद पढ़ा रहे हैं |
 
जब की आज़ तक सेकुलरिज्म क्या है इसको बता ही नहीं सके की आखिर सेकुलरिज्म क्या है किसे सेकुलरवाद कहा जाता है ?
कल मैं देख रहा था टीवी चेनल में एक कम्युनिष्ट नेता कह रहे थे यह राष्ट धर्म निरपेक्ष है | इसका अर्थ तो मेरे विचार से इन कहने वाले को भी नहीं पता |
इसका मतलब वह यह बता रहे थे की सभी धर्म को स्वतंत्रता है इस देश में,
क्या करने की स्वतंत्रता ?
 
की अपना अपना धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है | इन महाशय जी से कोई यह पूछे की आप घरसे लेकर सरकारी जगह को घेर कर नमाज पढ़ते हैं क्या आपका धर्म यही है ? जो दूसरों को आने जाने में वाधा पहुंचा कर आप नमाज पढ़े ? क्या इसी का नाम धर्म है ?
 
इतना करने के बाद भी कोई यह कहे की हमारे ऊपर ज्यादती कर रही है सरकार – तो क्या यह बातें सही है सत्य है ?
 
रही बात क्या सेकुलर का यही मतलब है सड़क घेर कर नमाज पढना ? अगर आप धर्म निरपेक्ष कह रहे हैं क्या इसे धर्म निरपेक्ष कहा जाए गा ? यह वाक्य ही गलत है कोई भी मानव कहलाने वाला धर्म निरपेक्ष नहीं होता |
 
कारण धर्म निरपेक्ष का अर्थ होना सम्भव ही नहीं है अगर कोई इसका अर्थ यह बताये की धर्म को पालन करने की आज़ादी का नाम धर्म निरपेक्ष है |
 
जब की यह अर्थ नहीं है,फिर भी अगर हम मानलेते हैं, तो इसे रोका किसने ? यही तो भारत में हो रहा है और आप कर रहे हैं ?
 
धर्म के नाम से गुंडागर्दी और कत्लेआम यह तो मात्र भारत में नहीं किन्तु सम्पूर्ण धरती पर यही हो रहा है | क्या सच में यही धर्म है ? अगर यही धर्म है तो अधर्म क्या है और किसे अधर्म कहा जायगा ?
 
अगर आप को स्वतंत्रता है नमाज पढने की, टोपी लगाने की, दाढ़ी रखने की, तो प्रधान मंत्री को क्यों नहीं ?
इस कम्युनिष्ट चीन पंथी नेता को टीवी चेनल में उससे किसी ने यह नहीं पूछा की तुम्हारे चीन में इस्लाम पर क्या हो रहा है ?
 
जब सब को अपना अपना धर्म का पालन करने की छुट है यह कह रहे हैं तो प्रधान मंत्री अपना धर्म का पालन क्यों नहीं कर सकते ? यह भूमि पूजन उनके धर्म का एक अंग है तो उसे पालन करने को वाधक क्यों बन रहे ?
 
नीचे लगा चित्र को देखें इसमें यह नेता गण भारत की जनता को किस प्रकार मुर्ख बना रहे हैं ? जो नेता जो नहीं है बाहर से उन्हें वही दिखाया जा रहा है इससे बड़ा धोखा और क्या हो सकता हैं जनता के साथ ?
 
यह सारे हिन्दू नाम वाले है लेकिन भेष या परिधान इनके हिन्दू होने को प्रमाणित कर रहा है क्या ? दुनिया में मानव कहलाने वाले इस सत्यता को जानें और इन नेताओं का जनता के साथ धोखा देने वाली बात को जरुर याद रखें | और मौका आने पर यह जरुर उनसे पूछे की भाई आप क्या है ?
 
अभी तो आपके देखा एक वर्ग या सम्रदाय विशेष के पाहनावे में आप को अब उस परिधान में नहीं है तो बताएं आप कौन है ?
महेन्द्रपाल आर्य = 29 /7 /20 = यह चित्र पहले का है