बिन्दा करात को जेल भेजना चाहिए |

प्रकाश करातकी पत्नी बिन्दाकरात से पूछना चाहिए, की pm का अर्थ पॉकेटमार 1947से है अथवा अभी से ? नेहरू से लेकर अबतलक सब के लिए या मोदी जी के लिए? यह दुर्भाग्य की बात है की प्रधानमंत्री जी को जिसके मन में जो आ रहा है, वह वही बोल रहे हैं वह किस लिए ?

अभी दो दिन पहल्रे भी मैं लिखा था राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री जी को फेकू कहा, और उसके बाद उन्हीं प्रधानमंत्री जी से मिलने भी गया |

कल ही मैं देख रहा था बिन्दा करात जो चीनपन्थी हैं पति पत्नी दोनों, इन्होंने PM का फुलफार्म =P -से पाकेट =M =से मार =पाकेट मार बताया | मुझे लगा यह चाइना से पढ़करआई होगी ? कारण भारत में PM की पढ़ाई है = प्रधान मंत्री या प्राई मिनिस्टर है |

किन्तु इन चाइनीज एजेंटों से मैं पूछना चाहा की यह पाकेटमार शब्द अभी नरेन्द्र मोदी जी PM के लिए है अथवा, जब से भारत आज़ाद हुवा 1947 से है | उसकाल में PM बने थे नेहरु क्या, वह भी यही पाकेटमार ही थे ?

उसके बाद लालबहादुर शास्त्री बने प्रधान मंत्री, क्या वह भी पाकेटमार ही थे ? बिन्दा करात और उनके इन बामपंथी चाईनी एजेंटों से पूछना चाहिए सभी भारत वासियों को | ऐ चीनपन्थियों तुम लोगों ने लालबहादुर शास्त्री जी को जाना है अथवा उनके जीवनी पढ़ कर देखा भी है ?

जो भारत के प्रधान मंत्री माननीय शास्त्री जी प्रथम नौकरी जीवन में 50 रुपया बेतन भोगी एक सरकारी नौकर थे वाराणसी में | वेतन वृद्धि में 5 रुपया बढ़ा दी सरकार ने | माननीय शास्त्री जी ने अपने अधिकारी को लिखा 50 रूपये में मेरी पत्नी घरका खर्च चला लेती है | जो अतिरिक्त 5 मुझे दिया जा रहा है वह 5 मुझे ना देकर सरकारी कोष में जमा करा दें |

यह थे हमारे देश के प्रधानमंत्री, आरे चीनपंथीयों तुम्हें कैसा पता लगेगा PM का अर्थ ? कारण तुम्हारे संस्कार में वह चीज ही नही है तुम लोग जानते भी नही हो संस्कार क्या होता है ? अगर तुमलोग संस्कारित होते तो भारत में रह कर भारत विरोधी नारा तुम्हारी होती ? धिक्कार है तुम्हारी संस्कृति को |

लालबहादुर शास्त्री जैसा चरित्रवान प्रधान मंत्री भारत के रहे हैं ऐसे प्रधानमंत्री {PM } को पॉकेटमार कहने में लज्जा भी नही आई ? तुमलोग हो बेशर्म, तुम्हारी संस्कृति है स्टेअफ लिविंग की | तुम लोग क्या जान सकते हो मानवता को पशु में और मानव में यही तो भेद है |

हमारे इसी भारत के प्रधान मंत्री रहे चौधरी चरण सिंह जी उनके जैसे चरित्र तुम लोग बना तो नही पावगे,और तुम लोगों के लिए जानना भी मुश्किल बात है |

ऐसे ऐसे लोग हमारे इस देश के प्रधानमंत्री रहे हैं | उन महा पुरुषों को तुम बाममार्गीओं ने पाकेटमार कहा है तुम लोगों को भारतकी जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए |
अपने सीमा में रहना इन्सान का काम है किन्तु इंसानियत को बाम मार्गी क्या जानेंगे उनका काम ही है उल्टा चलना | भारत वासियीं को चाहिए इन भारत विरोधियों को सबक सिखाना होगा वरना इनकी हिम्मत बढ़ते जा रही है | एक दो को सिखाने पर सब की दिमाग ठिकाने आ जायेगी |
महेन्द्रपाल आर्य =वैदिकप्रवक्ता =दिल्ली =20 / 12 /16 ==