|| मानव कहलाने वालों देखें कुरानी किस्सा अल्लाह का ||

  1. || मानव कहलाने वालों देखें कुरानी किस्सा अल्लाह का ||
    कुरान एक किस्सा और कहानी की किताब है, इसे अल्लाह ने खुद बताया है कुरान -सूरा युसूफ में –
    यह किस्सा है सूरा अयराफ आयात 175 से 177 तक – क्या है देखें |

अर्थ:- उन्हें उस शख्स का वाकिया भी पढ़ सुनव -जिसे हमने अपनी निशानियाँ दी थीं – लेकिन वह उससे अलग हट गया – और शैतान उसके दरपे होगया | पस अंजाम वह गुमराहों में जा मिला | अगर हम चाहते तो निशानियों की वजह से उसका मर्तवा बुलंद कर देते – लेकिन उसने तो पस्ती की तरफ मिलान किया और खवाहिश के पीछे लग गया – पस उसकी मिसाल कुत्ते की सी है -के अगर उसपर मुशक्कत ला दे तो भी हाँपता रहे,और अगर छोड़ दे तो भी हाँपता रहे,

यही मिसाल है उन लोगों की जो हमारी आयातों को झुठलाते रहते हैं -तो उन वाकियात को बयान करता रहता है | के वह गौर फ़िकर कर सकें – बड़ी बुरी मिसाल है उन लोगों की जो हमारी आयातों को झुठ समझते हैं -दर हकीकत वह अपना ही नुक्सान कर रहे हैं |

इस प्रकार की आयतें अनेक है कुरान में = यह आयत उतरी एक पहेली पर = बल्यम बिन बयूर – एक व्यक्ति का नाम था | यह बनी इसराईल कौम का एक अलिम था |

विरोधी होने पर भी अल्लाह इसकी हर दुआ कुबूल करता था, इसकी पत्नी ने इसे कहा तेरी दुआ अल्लाह स्वीकारते हैं – तो मेरे लिए दुआ कर की मैं पुरे कौम में सब से सुन्दरी बन जाऊं | उसने ऐसा ही दुआ मांगी अल्लाह से -और उसकी पत्नी उसकाल की सबसे सुन्दरी बन गई |

अब लोग बड़े बड़े उसपर नज़र लगाने लगे – यह बेचारा पति परेशांन हो गया की यह क्या हुवा ? उसने मामला बिगड़ता देख -फिर अल्लाह से दुआ मांगी | की इसे कुतिया बनादे |

जब वह कुतिया बन गई, अब लोग उनके बच्चों को कुतिया के बच्चे कहने लगे इधर बच्चे परेशन हो कर बाप से कहा मेरी मां जैसी थी वैसी बनादे |

अब इस व्यक्ति ने अल्लाह से दुआ मांगी – पर अल्लाह ने उसकी दुवा कुबूल नही की | यह है किस्सा कुरान का दुनिया वालों को इस पर विचार करना चाहिए | की क्या यही कलामुल्लाह है ? जिसे ईश्वरीय ज्ञान कहते हैं ? कुरान की आयात निचे प्रस्तुत है देखें |
महेंद्र पाल आर्य = 19/11/19