मुसलमानों की गीदड़ भवकी नहीं चलेगी |

मुसलमानों की गीदड़ भवकी नहीं चलेगी ||
हम आये दिन दूर दर्शन के विभिन्न चेनलों में देखते और सुनते हैं यह गीदड़ भवकी, जिसके मनमें जो आता है वही बोलता हैं | कई दिन पहले आप लोगों ने देखा और सुना भी, दिल्ली सरकार में अल्प संखक आयोग के चेयरमैन ने भारत सरकार को धमकी दी, अरब देशों से हम यह करवा देंगे और वह करवा देंगे |
पूरी दुनिया के लोग जानते हैं की इसे कहते हैं,गीदड़ भवकी, जब की इसका जवाब चीन ने आज से कई वर्ष पहले ही मुसलमानों को बता दिया की इसे रखो अपने पास यह धमकी चीन में चलने वाली नहीं है | चीन में न चली है और न चल पायेगी अरब हो या पाकिस्तान यह सब स्वार्थी लोग है मतलब परस्त हैं |
 
चीन ने यह बतादिया दुनिया को, की यह इस्लाम के मानने वाले कुरान को फोलो करते हैं पहले इस कुरान को हटाव, तो चीन ने पहले इसी कुरान पर और कुरान के मानने वालों मुसलमानों पर प्रतिवंध लगदिया | और यह भी बता दिया की जाव अरब में चीन में रहकर अरब को दिल में बिठावगे यह नहीं चलेगी, चीन में रहोगे तो चीन को ही दिलमें बसाना होगा |
 
तुम रहोगे चीन में और दिन में पाँच बार अरीबी जुबान में चिल्लाते रहो गे अल्लाह बड़ा है, यह तो नहीं चलेगी और न हम चीन वाले इसे सुनना चाहेंगे | बंद करो यह आजन, बंद करो यह आवाज, सबसे पहले चीन ने इसपर शिकंजा कस दिया और मुसलमनों से यह कह दिया की यह अरबी रीतिरिवाजों को चीन से हटाव |
तुम हमारे देश में रहोगे और जीते जी अरबी में शोर मचावगे, फिर मर कर हमारी चीन के धरती को छेकोगे घेरोगे, यह नहीं चलेगी | अगर चीन में रहना है तो मरने के बाद दफ़नाना नहीं इस लाश को अग्नि में दागो अग्नि में जलाव,जगह नहीं घिरेगी |
आज से कई वर्ष पहले चीन ने इसे अपनाया और सभी इस्लाम के मानने वालों को चेतावनी दी की अरब का कोई भी कार्यक्रम चीन में होने वाली नहीं है, रोज़ा रखना बन्द इस्लामी अरबियन नाम रखना बन्द | हम चिनिओं के दाढ़ी नहीं निकलती पहले तुम जिसे सुन्नत कहते हो उसे हटाव सुन्नत अरब का हो सकता है चीन का नहीं | यह निशानी अपने चेहरे से हटाव पहले, तुम लोग रहते हो चीन में और पश्चिम दिशा की तरफ मुह करके अरबी जुबान में अल्लाह अल्लाह कहकर पुकारते हो यह नहीं चलेगी | चीन में रहकर अरबी देशों की तरफ नज़र गाड़े रहोगे कब चाँद निकल रहा है यह चीन में सम्भव नहीं है |
 
अर्थात चीन ने सम्पूर्ण अरब जगत को बता दिया यह सब ताम झाम रखो अपने पास यह सब चीन में चलना सम्भव नहीं |
 
आज भारत में जो मुसलमान अरब देश की बात कर रहे हैं, की अरबी देशों से यह करवा देंगे वह करवा देंगे आदि | इसे ही कहते हैं गीदड़ भवकी, अगर जफरुल्ला हो या कोई और, जो टीवी चेनलों में बैठ कर यह धमकी दे रहा है भारत को की मौलाना साद अल्लाह का वली है अगर उस पर सरकार कुछ कार्यवाही करती है तो अल्लाह भारत पर हमला कर देगा भारत को बर्बाद करदेगा आदि |
 
इन बकने वाले अक्ल्के दुश्मनों को यह नहीं पता की यह गीदड़ भवकी कैसे इसे दिखा दिया चीन ने | और इस्लाम वालों को साफ़ कह दिया की यह अल्लाह के नाम हल्ला मत मचाव, यह सब झूठी अफवाहें है जो अल्लाह के नाम तुम लोग कर रहे हो | तुम्हारी बात सच होती तुम्हारा अल्लाह, कुरान, और इस्लाम, सच होता तो यह सब कार्यवाही पहले चीन में अल्लाह प्रयोग करके दिखाते |
 
यह कुरान अल्लाह और इस्लाम यह सबके सब मिथ्या प्रमाणित कर दिखाया चीन ने, और बहुत स्पष्ट कह दिया की तुम्हारे किन अरब देशों में दम है सामने आये और हो सके तो अल्लाह को भी साथ लेकर आये | यह है सच्चाई भारत सरकार को भी इन इसलामी मानसिकता को दमन करने के लिए चीन जैसा सख्ती वरतनी होगी, कारण पागलों को सँभालने के लिए हंटर मजबूत चाहिए यह प्यार की भाषा नहीं जानते है और न समजते हैं प्यार की भाषा को |
इसी लिए ऋषि दयानन्द जी ने अपने आर्य समाज के सातवां नियम में यह बहुत पहले ही लिखा, सबके साथ प्रीतिपूर्वक धर्मानुसार यथा योग्य वर्तना चाहिए |
अर्थात जो प्यार से धर्मानुसार नहीं मानता है उसके साथ यथा योग्य ही वर्ताव कर न ही मानवता है | इस मन्त्र को ऋषि दयानन्द जी ने लिया है योगेश्वर श्रीकृष्ण जी से, जिन्हों ने अपने मामा को ही अधर्म के कारण मौत के घाट उतारा, हब भारत वासियों को इसे चरितार्थ करना ही होगा तभी इन मतान्ध कौम को काबू में कर सकते हैं | महेन्द्रपाल आर्य =5 /5/20