मुफ़्ती यासिर नदीम से किये गये सवाल

|| आर्य जनों को एक अहम् जानकारी ||
आप सभी को पता है की, youtube chennal पर बहुत लोगों के विडिओ लगे हैं, सबने अपनी अपनी बातों को अपने तरीके से सुनाया है | इसी क्रम में सर्जिकल स्ट्राइक के नाम से भी एक क्रम डॉ० मुफ़्ती यासिर नदीम जी का भी है | इस में लोग उनसे सवाल करते हैं, अभी मकसूद पटेल नामी एक मुस्लिम ने उनसे सवाल किया मेरे उठाये गये सवालों को जो इस्लाम पर मेरे द्वारा किया या उठाया गया है |
 
पहली यह एपिशोड n0 41 है = इसमें मकसूद ने मेरा नाम गलत बताया, और मैं कहाँ इमाम था वह भी गलत बताया | इस मकसूद ने मेरे उठाये सवाल को भी गलत बताया की मैंने कहा कुरान की पहली आयात कौन सा है मेरे नाम से उसने गलत जान कारी दी है | जब की अलीगढ़ मुस्लिम उनिवर्सिटी के तारिक मुर्तोजा से मेरी डिबेट 27 मार्च 2007 को बुलन्दशहर में हुई कोई जवाब नहीं था उनके पास | फिर 8 फरवरी 2008 को अब्दुल्ला तारिक से हुई youtiube में वह भी लगा है |
 
इस मुफ़्ती यासिर ने मेरे सवालों की कहीं कहीं जहालत बताया, और कहीं कहीं अहम् बताया ? विचारणीय बात यह है की जहाँ लफ्जे जिहालत की बात किसी ने की, फिर वही सवाल करने वाला अहम् सवाल कैसे कर सकता है ? मैंने आज मेरे एक मित्र दिल्ली के रानी बाग़ में रहते हैं इनका नाम इमरान है, उन्हों ने मुझे वे विडिओ भेजा | उसे थोडा सुना उसी मिफ्ती के पेज में जा कर या प्रोफाइल में जा कर मैंने एक सवाल लिखा जवाब क्या देते हैं हमें देखना है | फिर इसको विडिओ बनाकर मैं आप लोगों के सामने रखूँगा |
 
एक बात इस में सवाल करने वाला मकसूद पटेल ने ऋषि दयानन्द कृत सत्यार्थ प्रकाश में उठाये सवाल कुरान से ऋषिने की है उसे ना कहकर कुरान से लिया गया है ना कहकर सत्यार्थ प्रकाश में लिखा है यह कहा है | यह नहीं बताया की सत्यार्थ प्रकाश में कुरान से उठा कर दिया | एक बात और भी मैं आप लोगों को यद् दिलाता हूँ इसी सत्यार्थ प्रकाश पर प्रतिबन्ध नहीं लगा पाने का मेरी दलील थी की यह बात कुरान में है अथवा नहीं ? अगर कुरान में लिखा है तो सत्यार्थ प्रकाश पर दोष किसलिए ?
डॉ० मुफ़्ती यासिर साहब मैंने आप का सर्जिकल स्ट्राइक 41 भाग को सुना जहाँ मेरे नाम से यह एपिशोड़ आपसे मकसूद पटेल से वार्ता पर है | मूल मेरे उठाये सवालों को आप के सामने रखा गया | पहली बात तो यह है की मेरा नाम भी गलत बताया गया | दूसरी बात मेरा परिचय भी गलत सुनाया आप को | बहरहाल पहली बात मेरे जो सवाल हैं उसे आप ने जिहालत कह कर टाल ने का दुस्साहस किया | उसने यानि पटेल ने गलत कहा कुरान की पहलीआयात,
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ नहीं है सबसे पहली आयात है >اقْرَأْ بِاسْمِ رَبِّكَ الَّذِي خَلَقَ [٩٦:١]
(ऐ रसूल) अपने परवरदिगार का नाम लेकर पढ़ो जिसने हर (चीज़ को) पैदा किया
यह है कुरान की पहली आयत = कहा जाता है की फरिश्ता जिब्राइल ने आकर गरे हिरा में पैगम्बरे इस्लाम को सुनाया | काया कहा देखें { (ऐ रसूल) अपने परवरदिगार का नाम लेकर पढ़ो जिसने हर (चीज़ को) पैदा किया }क्या यह वाक्य अल्लाह के हैं ? अगर अल्लाह के हैं तो जिब्राइल को अल्लाह ने कहा जरुर जी जिब्राइल ने बोला ऐ रसूल अपने परवर दिगार के नाम से पढ़ो | मेरा सवाल यह है की अल्लाह ने जिब्राइल को कह कर भेजा की तुम जा कर इस प्रकार से कहो ? यही एक सवाल हा हवाला देने की कृपा करें की अल्लाह ने जिब्राइल को कहा हो ? कुरान से हवाला दें | जब अल्लाह ने जिब्राइल से कहा ही नहीं तो जिबराइल ने अपनी बात कही ? तो स्पष्ट करें की यह कलाम अल्लाह की है अथवा जिब्राइल की ? यह सवाल मैंने आज किया इनसे 26 जुलाई 2018 सुबह 9 बजकर 58 मिनट =महेन्द्रपाल आर्य जवाब के लिए