मेरा काम सत्य असत्य धर्म और अधर्म पर है, में किसीका विरोधी नहीं |

आर्य भद्र जनों को मैं एक अहम् बातों की जानकारी देरहा हूँ कि, जो काम मैंने करके दिया अब तक वह काम औरों से नहीं हो पाया | और ना हो पायेगा उसका मूल कारण है इसलाम पर जितने लोग बोल रहे हैं वह लोग कुरान को नहीं जानते हैं |
जो कोई अगर सुना रहा है वह अरबी उच्चारण जो हिन्दी अक्षरों में लिखा है उसे पढ़कर अथवा कह कर सुनारहा है | उसे अरबी की जानकारी लेश मात्र भी नहीं है, और ना वह अरबी जानता है | प्रमाण के तौर पर जब कोई अर्बी में सुनाये उसे पूछना इसमें कौन कौन सा हर्फ़ {अक्षर} हैं बता ? वह नहीं बता सकता | कारण वह अरबी के अक्षर को नहीं जानता, कुछ भी हो कुछ लोग हैं जो अनाधिकार चेष्टा करते हैं जो विषय उसका नहीं है उसी पर ही वह बोलने लगता है तो गलत होना स्वभाविक है |
मैं एक को वीडियो में सुना जो हुसैन अली कह रहा है ” उस बेचारे को यह जानकारी ही नहीं की हुसैन कौन था और अली कौन थे ? हज़रत अली के
दो पुत्र थे हसन और हुसैन यह दोनों हजरत मुहम्मद साहब के बेटी फातमा के लड़के थे |और यजीद जो माविया का लड़का था उसने एक को जहर दे कर मारा हसन को | और हुसैन को युद्ध में मारा फ़रात नदी के पानी को लेकर झगडा किया और मारा गया |
पर मैं यह बता रहां था मेरा जो कार्य है वह सत्य के आधार पर सप्रमाण है मैं असत्य और अधर्म के विरोध में सप्रमाण बोलता हूँ | मेरी स्वाध्याय मेरा चिन्तन जो एक दम निजी है मैं किसी का नकल नहीं करता और न किसी की कही सुनाता | मैं सिर्फ धर्म और अधर्म, सत्य और असत्य जो मेरे जीवन से जुड़ा हुवा है उसे ही प्रस्तुत करता हूँ | अब इसमें जो सत्य पसन्द नहीं है वह कहते हैं मैं तो उनका विरोधी हूँ जो सरासर गलत है | मैं मात्र सत्य को ही अपना जीवन का लक्ष्य माना है |
आज अभी अभी हरिद्वार से फोन आया किसी हिन्दू ने हज़रत मुहम्मद साहब के बारे में कुछ लिखा है तो इस्लाम वाले उनपर चेप हो गये | थाने में केस हो गया इस से पहले भी कई बार कई जगह हो चूका है लोग जेल भी गये इसी बात पर | अब मेरे से पुछ रहे हैं की पंडित जी आप बताएं यहाँ कुरान में अथवा किसी किताब में यह कहाँ लिखा है ?
मुझे हैरानी होती है ऐसे लोगों पर कि लिखते समय मेरे से किसी ने पूछा था क्या ? इस से पहले दुर्गादत्त तिवारी ने भी यही किया, उसके वकील ने मुझसे पूछा कहाँ लिखा है ? तो यह सब अनाधिकार चेष्टा कुछ लोग सिर्फ अपना नाम चमकाने के लिए यही सब काम कर रहे हैं जो एकदम अनाधिकार चेष्टा है | जो हमारा विषय नहीं है हम उसे किसलिए बोलेंगे भाई ?

मेरा जितना भी कार्य हैं सब कुरान सुनाकर प्रमाण के साथ है बिना प्रमाण का मैं बात नहीं करता अब इस्लाम वाले मुझे गाली दे रहे हैं | और हिन्दू भी गाली दे रहा है, कारण दोनों ही अन्ध विश्वासी है | कुछ लोग चाहते हैं की मैं सिर्फ इसलाम में क्या है वह सुनाता रहूँ, तो अपनों में जो बुराई इस्लाम से ज्यदा है उसे कौन सुनाएगा ? पहले अपने घर में झाडू लगाना चाहिए अथवा दुसरे के घर ? लोग इसे नहीं समझते किसे क्या कहा जाय सब लगे हैं अनाधिकार चेष्टा में | मुझे किस प्रकार गाली दिया है देखें |
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Imran Khan
7 hours ago
sale tune 1000 logo ko Islam kabul karne se bachaya..lekin crore logo har din Islam kabul kar rahe hai… inshallah…
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Mahender Pal Arya
1 second ago
भाई यह तो बता की सुवर एक साथ अनेक बच्चे पैदा करता है | मुर्ख तुझे अकल कहाँ है इस्लाम के पास जो गिरवी रखा है बाप का औलाद है अथवा मां का ? यही तो कुरान बताया ईसा को, बिनतो मरियम | संतान को बिनतो बाप का होता है यह तो मूर्खों को कहाँ से पता लगेगा ? दूसरी बात है तुम लोग किसी को मुसलमान किस लिए बनाते हो जो बनकर आया वह दुनिया में आया उसे उसी में रहने देते तोे अल्लाह का क्या बिगड़ता ? अगर किसी को मुसलमान बनाना होता तो अल्लाह उसे मुसलमान बनाकर भेजते | नालायेक जो काम आल्लाह ने नहीं किया उसी काम को तुम मुर्ख कर रहे हो ? मतलब खुदा के भी बाप बन बैठे यही ना ? दम है तो सामने आकर बात कर |