यह कैसे हमारे नेता, जिन्हें यह पता नही उनके पीछे कितना खर्च होता है जनता का ?

आज भी लोकसभा व राज्यसभा,चलने नही दिया विरोधियों ने, विरोध किस बात को ले कर है,नोट बदली को लेकर |
विरोधी नेतागण कह रहे हैं 90 लोग मरे हैं इस नोट के सिलसिले में, यही कारन है की संसद चलने नहीं दिया जायगा |

पहला प्रश्न इन नेताओं से है, की भारत भर से काला धन के टूर पर जो पकड़े जा रहे हैं, देश का भला हो रहा है, क्या 90 लोगों की मौत से ज्यादा राष्ट्र हित नही है ?

क्या हमारे नेता राष्ट्र का भला चाहते हैं अथवा कला नोट दबाये बैठे लोगों का भला चाहते है ? इस काला बाजारी करने और करवाने वाले जो लोग पकडे जा रहे हैं, क्या हमारे नेता उन्हीं लोगों के पक्षधर हैं ? वरना विरोध किस लिए बताएं जरा ?

जहाँ तक 90 लोगों के मरजाने की बात हैं, जब ट्रेन दुर्घटना होती है और कई सौ लोग मर जाते हैं उस समय हमारे सांसदों का विरोध होता है क्या की संसद चलने नही दिया जाता है क्या ?
जब हज करने के लिए जाकर भारतीय लोग कई सौ मर जाते हैं क्या उस समय भी सांसद चलने नही देते ? जब अमर नाथ यात्रियों को आतंकवादी मार देते हैं कई सौ क्या उस समय भी हमारे सांसद विरोध करते हैं क्या ?

जब नासिक में स्नान करने वालों की मौत हो जाती है, कुम्भ मेले में कई कई सौ लोग मर जाते हैं | गंगा सागर स्नान करने वालों की मौत हो जाती है क्या उस समय भी सांसदों का बर्ताव यही रहता है ?

बल्कि इस में और खुश होना चाहिए था की बैंक कर्मी सरकारी नौकर हो कर भी राष्ट्र विरोधी काम कर रहे हैं सब मिल कर उन्हें धर दबोचना था | उल्टा सरकार का विरोध कर उनके मनोवल बढाने का काम हमारे सांसद सदस्यों का हो रहा है ?

उल्टा प्रधानमंत्री को धमकी दे रहे हैं की उनका व्यक्तिगत घोटाला उजागर करेंगे वह भी उनके द्वारा विरोध हो रहा है, जो एक चरित्रहीन राजनीती का अज्ञानी शायद भारतीयता को भी नही जनता | किसानों का हिमायती बताया जा रहा है जिसे गेहूं और बाजरा का ही पता नही |

जिनलोगों के कलंक मय जीवन है, सुकन्या का आजतक पता नही लग पाया घोटाला ही जिनके रग रग में भरे हैं | राजा -कानिमोड़ी -मनमोहन सिंह के कोयला अभी तो एक सौदा करने में भी हाथ बताया जा रहा है |
इन विरोधियों को सत्य पसन्द नही है,मोदी पसंद नही, और राष्ट्र भी पसंद नही है तो इनकी पार्टी को इस राष्ट्र के लोगों का पसंद क्यों हो भला ?
महेन्द्रपाल आर्य =वैदिक प्रवक्ता = 15-12-2015