राष्ट्र निर्माण पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्ति पात्र

|| आर्य भद्र पुरुषों को एक विशेष जानकारी ||
आर्य एक गुणवाचक शब्द है जो गुण ,कर्म. स्वभाव से श्रेष्ट हों यह मानव का लक्षण है | महर्षि दयानन्द स्वर्स्व्ती जी ने इस देश को असामाजिक और धर्म विरोधियों के हाथ से भारत माँ के अस्मिता की रक्षा के लिए 18 के अर्ध भाग के पश्चात् भारत भर घूम घूम कर देखा और अच्छे ढंग से समझने का प्रयास किया |

मुगलों के अत्याचार को सहने के बाद अंग्रेजों के अत्याचार चरम पर था भारत वासी छट फटा रहे थे अंग्रेजों के हाथों से किस प्रकार देश को मुक्त किया जाय इस पर लोग विचार करने लगे थे |

ऋषि दयानंद जी के जीवनी पढने से यह मालूम होता है और स्वतंत्रता के दीवाने नमी ग्रंथों से हमें सचाई का पता लगता है | ऋषि दयानंद जी ने अपने गुरु विरजानंद जी को गुरु दक्षिणा में चार चीजों को दिया था |

{1} स्वधर्म का प्रचार = {2} स्वराष्ट्र का प्रचार = {3} स्वसंस्कृति का प्रचार = {4} स्वभाषा का प्रचार = करना इन चारों बातों को लेकर ऋषि सम्पूर्ण भारत घूम घुम कर भारतियों की दशा को देख बहुत ज्यादा दुखी हुए थे सब को समेटते हुए उन्हों ने एक कालजयी ग्रन्थ लिखी जिसका नाम सत्यार्थ प्रकाश है |
जिसमें 14 समुल्लास हैं एक से लेकर 10 तक मानव जीवन में क्या करना क्या नहीं करना जन्म से मृत्यु तक क्या करना क्या नहीं करना इस पर प्रकाश डाला है |

अंत के चार समुल्लासों पर सम्पूर्ण विश्वमें जितने भी मत पंथ चलाया गया क्या वह सत्य है ? वेद सम्मत है अथवा वेद विरुद्ध है इस पर प्रकाश डाला है | इस कालजयी ग्रन्थ ने वेदके आधार पर सभी मत पंथों में धर्म के नाम से मानव मात्र को सच्चे रास्ते से किस प्रकार भटका दियागया उसे लिखा है | इसे देख कर सभी मत पंथ वाले थर्रा गये | जिसमें इस्लाम और ईसायत ज्यदा दुखी हए |

इसका कारण यह है की ऋषि दयानंद जी ने ईसायत हो या इस्लाम यह दोनों धर्म नहीं है यह सिद्ध कर दिखाया | इसमें जैनी बौद्धि सिख चार्वक्य आदि भी शामिल हैं |

ऋषि दयानंद इन्ही आपदाओं से भारतवासी आर्य तथा {हिन्दू} कहलाने वालों को धार्मिक = सामाजिक = और राजनीतिक = तीनों अत्माचारों से भारतवासियों को यचाने के लिए 1875 में आर्य समाज की स्थापना की | राजनीतिक परिपेक्ष में आर्य संस्कृति को बचाने के लिए उन्हों ने राज धर्म पर एक समुल्लास लिखा जो सत्यार्थ प्रकाश का समुल्लास {6} है |

आर्य लोगों ने देश की आज़ादी में अंग्रेजों के खिलाफ बढ़ चढ़ कर भाग लिया | यहाँ तक के ऋषि दयानंद जी अंग्रेज वाइसराय को कहा =अपने देश के लोगों का राजा होना सर्वोपरी होता है इन विदेशी राजाओं से |

आज भारत में RSS की इतिहास पढ़ने की बात हो रही है किन्तु ऋषि दयानंद जी के इन एक शव्द में जो वजन है सम्पूर्ण RSS का इतिहास इसका मुकाबला नहीं कर सकता |

ऋषि दयानंद जी ने राजधर्म पर जो विचार दिए हैं उसे आर्यसमाज में प्रचलित नहीं हो पाया और ना आर्यसमाजी कहलाने वाले इसे चरितार्थ कर सके | आर्य समाज में उनदिनों दिग्गज दिग्गज नेता समाज सेवी विद्वान् हुए सब का नाम लिखना संभव नहीं हो रहा है | कभी लिखूंगा =

आर्य समाज का स्वर्णिम काल रहा है आर्य समाज के आन्दोलन को देख कर अंग्रेज त्थार्राए और 10 वर्ष के आर्यों के कार्यों से परेशान हो कर कांग्रेस नामी एक राजनितिक दल बनाया जिसमें जितने भी लोभी और लालची आराम भोगी राष्ट्र को खोखला बनाने वालों की भीड़ होगई |

इधर आर्य समाजी कहलाने वालों ने ऋषि दयानंद की लिखी राजधर्म पर अमल नहीं किया | नतीजा आज आप सबके सामने है, समय की नजाकत को देखते हुए आर्य जगत के शिरोमणि विद्वान शास्त्रार्थ महा रथी स्वनाम धन्य अमर स्वमी जी के शिष्य ठाकुर विक्रम सिंह जी जो एक वैदिक विद्वान शास्त्रार्थ महारथी जी ने ऋषिदयानंद का स्वप्ना साकार करने के लिए एक राजनितिक पार्टी राष्ट्र निर्माण पार्टी बनाई है जो वेद सम्मत है |

आज सम्पूर्ण भारत भर ईसाई वे मुसलमानों का तांडव व नंगा नाच पूरी दुनिया के लोग देख रही है भारत भर उपद्रोप इस्लाम वालों की चलरही है |

यहाँ तक की मदरसे में पढने की जगह बच्चों को हथियार चलाना सिखाया जा रहा है | और वर्तमान मोदी सरकार उन्हीं मदरसों को अनुदान दे कर उन्हें हथियार खरीदने के लिए अग्नि में घी डाल रहे हैं | यह ठीक वैसा है की मुसलमानों को देश देने के बाद भी गाँधी ने 55 करोड़ रुपया उन पाकिस्तानियों दिया था |

इस राष्ट्र निर्माण पार्टी के अध्यक्ष माननीय ठाकुर विक्रम सिंह जी ने मुझे इस पार्टी का राष्ट्रिय प्रचार मंत्री की जिम्मेदारी निभाने को नियुक्त किया है | मैंने तहे दिलसे माननीय ठाकुर साहब का आभार व्यक्त करता हूँ और इस पद की गरिमा को भी बनाये रखने को विश्वास दिलाता हूँ |

भारत वासियों से मेरी अपील है इस राष्ट्रवादी पार्टी का सदस्य बनें और इस राष्ट्र को अराजक तत्व से बचाने के लिए आगे आयें धन्यवाद के साथ आप लोगों का महेन्द्रपाल आर्य = राष्ट्रीय प्रवक्ता =राष्ट्र निर्माण पार्टी = सदस्य बनने के लिए संपर्क श्री धरमवीर सिंह पहलवान जी से संपर्क करें |
न० 9911500369