लोग कहते हैं कुरान में विज्ञानं है, क्या इसे विज्ञानं कहते हैं?

लोग कहते हैं कुरान में विज्ञानं है, क्या इसे विज्ञानं कहेंगे ?
मुझे वैदिक धर्म का प्रचार प्रसार करते हुए आज 36 वर्ष होने को जा रहा है जी 30 नवम्बर को पूरा होना है | मैं अबतक जो काम किया हूँ वह सत्य, और असत्य, हक़ और बातिल को लेकर किया हूँ | विशेष कर धर्म क्या है मत पन्थ किसे कहा गया, धर्मग्रन्थ क्या है, ईश्वरीय ज्ञान क्या है आदि आदि विषय पर मेरा काम किया हुवा है |
यद्यपि हर विषय पर मेरा लेख और विडिओ बना हुवा है, तथापी मूल विषय वेद और कुरान व बाइबिल के तुलनात्मक विषय पर ही है | ईश्वरीय ज्ञान को लेकर ज्यादा चर्चा मैं करता हूँ और जनमानस में अपने सत्य विचारों को पहुँचाने का प्रयास करता हूँ |
आज एक विचार आप लोगोंको देना चाहता हूँ, धरती पर विचरण करने वाले सभी प्राणियों में मानव को सर्वश्रेष्ट प्राणी बताया गया है | और यह श्रेष्ठ होने का मात्र कारण है बुद्धि, या अक्ल | मानव बना है वेदानुसार पञ्च तत्व से, जो सर्व मान्य है, पर कुरान इससे सहमत नहीं है | कुरान में कहीं कुछ बताया गया कहीं कुछ बताया गया है, उसमें ज्यादातर मान्यता मानव को अल्लाह ने मिटटी से बनाया है |
अगर यह मान लिया जाय की पञ्च तत्व में एक मिटटी भी है, पर कुरान में कहा खन खनाती मिटटी से बनाया कहा गया | और कहीं गारे से बनाया गया बताया है, जो गारा बनेगा तो मिटटी में पानी मिलाना पड़ेगा, पानी के बगैर गारा का बनना सम्भव नहीं |
फिर तो कहीं किसी कुँवारी में फुंक मार कर अल्लाह ने सन्तान बना दिया बताया कुरान सूरा अम्बिया जो सूरा न० 21 है इसके 91 आयात में देख सकते हैं |
पर आज मैं आप लोगों को उसी सूरा अम्बिया का >आयात 30 में अल्लाह ने क्या फ़रमाया उसे बताना चाहता हूँ | आप लोग इसे गौर से पढ़ें और विचार करें, की इस्लाम वालों की मान्यता है कुरान में विज्ञानं है, तो क्या आज इस विज्ञानं के युगमें कोई वैज्ञानिक इसे विज्ञानं मानने को तैयार होंगे, जो अल्लाह ने अपनी कलाम में फ़रमाया है ?
अल्लाह ने यहाँ फ़रमाया जो लोग काफ़िर हो बैठे, अर्थात जिन्हों ने इस्लाम को नहीं माना उनके लिए कहा गया,क्या उनलोगों ने इस बात पर गौर नहीं किया ? की आसमान और जमीन दोनों {बस्ता बन्द} {दोनों मिले हुए थे} अल्लाह ने इन दोनों को अलग किया |
पढ़े लिखे लोग जरा विचार करें की जमींन और आसमान दोनों का एक साथ मिला होना यह क्यों और कैसे संभव है ? अगला शब्द भी बड़ा कमाल के हैं अल्लाह ने कहा पानी से जीव जन्तु को बनाया |
क्या यह बात कुरानी अल्लाह का सत्य है ? मानव को बनाया किस चीज से वह बताया मिटटी से और जीवजन्तु को पानी से बनाया यह किस प्रकार की अवैज्ञानिक बातें है कुरानी अल्लाह का ? क्या इसे विज्ञानं माना जाय या कहा जाय ? { देखें यह है कुरानी आयात }

أَوَلَمْ يَرَ الَّذِينَ كَفَرُوا أَنَّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ كَانَتَا رَتْقًا فَفَتَقْنَاهُمَا ۖ وَجَعَلْنَا مِنَ الْمَاءِ كُلَّ شَيْءٍ حَيٍّ ۖ أَفَلَا يُؤْمِنُونَ [٢١:٣٠]
जो लोग काफिर हो बैठे क्या उन लोगों ने इस बात पर ग़ौर नहीं किया कि आसमान और ज़मीन दोनों बस्ता (बन्द) थे तो हमने दोनों को शिगाफ़ता किया (खोल दिया) और हम ही ने जानदार चीज़ को पानी से पैदा किया इस पर भी ये लोग ईमान न लाएँगे |

सत्य और असत्य को जानने के ईच्छुक, विशेष कर मानव कहलाने वाले इस पर चिन्तन करें और विचार पूर्वक सत्य को धारण करें और असत्य को त्याग दें यही मानवता है | धन्यवाद के साथ =महेन्द्र पाल आर्य = 17 /11 /18 =