सभी आर्य जन इसे जरुर पढ़ें |

|| सभी आर्य जन इसे जरुर पढ़ें ||
आप सभी को पता है की हमारे भारत में इस्लाम को लेकर कहीं कुछ बात होती है, तो यहाँ के मुसलमान हायतौबा मचा देते हैं, कितनी गाड़ी जला देते हैं, सरकारी इमारतों को नुक्सान पहुंचाते हैं | पिछले दिन मुंबई में एक स्तंभ को किस प्रकार तोडा गया ज़रूर आप लोगों को भी याद हो ?

यहाँ आये दिन मुसलमानों का उपद्रोप कुछ ना कुछ चलता रहता है, सड़क जाम कर नमाज पढना तो इन्हों ने अपना जन्म सिद्ध अधिकार ही मानते हैं |

सही पूछें तो इस्लाम में सड़क घेर कर नमाज पढना बिलकुल मना है, यह तो सिर्फ दिखावा है और प्रदर्शनी के लिए ही यह लोग ऐसा करते हैं | जब की नमाज का यह नियम ही नहीं है | कारण नमाज में नियम है की सिजदा करते समय एक चींटी का भी ध्यान रखना होता है की तुम्हारी कपाल या पेशानी की रगड़ से कोई चींटी भी ना मरे |

इसी बात पर जब हम विचार करेंगे तो यह मालूम होने लगेगा की जब चींटी का भी ध्यान रखने का उपदेश दिया गया है – तो क्या सड़क घेर कर नमाज पढने पर किसी इन्सान को तकलीफ नहीं होगी, या नहीं होती है ? स्पष्ट मना है इस्लाम में इस प्रकार की हर कतें करना | यह अमानवीय तरीका है बिलकुल निषेध हैं | यह लोग सिर्फ दिखावा और आडंबर ही करते हैं जो सरासर गलत है | इस्लाम में भी इसे निषेध किया है, |

और आप लोगों को यह भी बता देता हूँ की जो लोग जुमे की नमाज रास्ता घेर कर पढ़ते हैं उनमें 95 % लोगों को इस्लाम की बुनियादी बातों का भी ज्ञान या जानकारी नहीं है | मात्र फैशन बना लिया है लोगों ने जिन्हें जुमे की नमाज का नियत भी मालूम नहीं है | यह सत्यता है वस्तु स्थिति यही है जो मैं बोल रहा हूँ |

किन्तु यही इसलाम वाले आज चीन के रवैये पर मौन किसलिए हैं ? इस बार चीन ने रोजा रखने पर भी प्रतिवंध लगा दिया है | इस्लामी रीति रिवाज पर पूरा प्रतिवंध लगाया है चीन ने |

आज दुनिया का कोई भी मुसलमान या इस्लामिक देश चीन पर कुछ कहने ही हिम्मत नहीं रखता किसीने जुबान खोली है ? इतने देश मुसलमानों के हैं किसी में भी हिम्मत नहीं की कोई जुबान भी खोले | इसे कहते हैं शासन व्यवस्था देश चलाने के लिए कुछ कठोर होना पड़ता है |

पर हमारे प्रधानमंत्री जी को कोई चोर कह रहा है कौन कौन क्या क्या अपशब्द बोल रहा है | अपशब्द तो क्या कोई तो कंकड़ पत्थर का बना रसगुल्ला खिला ने की बात की – उसमें भी संतुष्टि नहीं मिली थप्पड़ मारने को भी आमादा हो गये |

हायरे भारत और तेरा बेचारा प्रधान मंत्री, जो इतने सहन शील इतनी मीठी की चींटी भी खा जाय ? इसी भारत देश के प्रांतीय मुख्य मन्त्री भी मर्यादा को ताक पर रखे और उनपर कार्यवाही ना हो, क्या इससे देश की बदनामी नहीं हो रही है ? क्या यह कोई पढ़े लिखे सभ्य लोगों की भाषा है ? इस से अन्य लोगों पर उनका क्या प्रभाव होगा | वह तो यही समझ रहे हैं जब प्रधान मंत्री को हम कह सकते हैं तो साधारण जनता को वे क्या समझेगी ?

भारत के लोगों चिंतन करें आप के भारत में क्या हो रहा है, और आप के प्रान्त के प्रतिष्टित जिम्मेदारों की भाषा क्या है ? प्रधानमंत्री को चाहिए इसपर फ़ौरन कार्यवाही करना, जिससे की आप के प्रजा को भी लगे की हाँ अन्याय कारी को सजा देना वाला भी कोई प्रधान मंत्री हुवा है इस देशमें | धन्यवाद के साथ महेन्द्रपाल आर्य = 11 /5 /19 = || सभी आर्य जन इसे जरुर पढ़ें ||
आप सभी को पता है की हमारे भारत में इस्लाम को लेकर कहीं कुछ बात होती है, तो यहाँ के मुसलमान हायतौबा मचा देते हैं, कितनी गाड़ी जला देते हैं, सरकारी इमारतों को नुक्सान पहुंचाते हैं | पिछले दिन मुंबई में एक स्तंभ को किस प्रकार तोडा गया ज़रूर आप लोगों को भी याद हो ?

यहाँ आये दिन मुसलमानों का उपद्रोप कुछ ना कुछ चलता रहता है, सड़क जाम कर नमाज पढना तो इन्हों ने अपना जन्म सिद्ध अधिकार ही मानते हैं |

सही पूछें तो इस्लाम में सड़क घेर कर नमाज पढना बिलकुल मना है, यह तो सिर्फ दिखावा है और प्रदर्शनी के लिए ही यह लोग ऐसा करते हैं | जब की नमाज का यह नियम ही नहीं है | कारण नमाज में नियम है की सिजदा करते समय एक चींटी का भी ध्यान रखना होता है की तुम्हारी कपाल या पेशानी की रगड़ से कोई चींटी भी ना मरे |

इसी बात पर जब हम विचार करेंगे तो यह मालूम होने लगेगा की जब चींटी का भी ध्यान रखने का उपदेश दिया गया है – तो क्या सड़क घेर कर नमाज पढने पर किसी इन्सान को तकलीफ नहीं होगी, या नहीं होती है ? स्पष्ट मना है इस्लाम में इस प्रकार की हर कतें करना | यह अमानवीय तरीका है बिलकुल निषेध हैं | यह लोग सिर्फ दिखावा और आडंबर ही करते हैं जो सरासर गलत है | इस्लाम में भी इसे निषेध किया है, |

और आप लोगों को यह भी बता देता हूँ की जो लोग जुमे की नमाज रास्ता घेर कर पढ़ते हैं उनमें 95 % लोगों को इस्लाम की बुनियादी बातों का भी ज्ञान या जानकारी नहीं है | मात्र फैशन बना लिया है लोगों ने जिन्हें जुमे की नमाज का नियत भी मालूम नहीं है | यह सत्यता है वस्तु स्थिति यही है जो मैं बोल रहा हूँ |

किन्तु यही इसलाम वाले आज चीन के रवैये पर मौन किसलिए हैं ? इस बार चीन ने रोजा रखने पर भी प्रतिवंध लगा दिया है | इस्लामी रीति रिवाज पर पूरा प्रतिवंध लगाया है चीन ने |

आज दुनिया का कोई भी मुसलमान या इस्लामिक देश चीन पर कुछ कहने ही हिम्मत नहीं रखता किसीने जुबान खोली है ? इतने देश मुसलमानों के हैं किसी में भी हिम्मत नहीं की कोई जुबान भी खोले | इसे कहते हैं शासन व्यवस्था देश चलाने के लिए कुछ कठोर होना पड़ता है |

पर हमारे प्रधानमंत्री जी को कोई चोर कह रहा है कौन कौन क्या क्या अपशब्द बोल रहा है | अपशब्द तो क्या कोई तो कंकड़ पत्थर का बना रसगुल्ला खिला ने की बात की – उसमें भी संतुष्टि नहीं मिली थप्पड़ मारने को भी आमादा हो गये |

हायरे भारत और तेरा बेचारा प्रधान मंत्री, जो इतने सहन शील इतनी मीठी की चींटी भी खा जाय ? इसी भारत देश के प्रांतीय मुख्य मन्त्री भी मर्यादा को ताक पर रखे और उनपर कार्यवाही ना हो, क्या इससे देश की बदनामी नहीं हो रही है ? क्या यह कोई पढ़े लिखे सभ्य लोगों की भाषा है ? इस से अन्य लोगों पर उनका क्या प्रभाव होगा | वह तो यही समझ रहे हैं जब प्रधान मंत्री को हम कह सकते हैं तो साधारण जनता को वे क्या समझेगी ?

भारत के लोगों चिंतन करें आप के भारत में क्या हो रहा है, और आप के प्रान्त के प्रतिष्टित जिम्मेदारों की भाषा क्या है ? प्रधानमंत्री को चाहिए इसपर फ़ौरन कार्यवाही करना, जिससे की आप के प्रजा को भी लगे की हाँ अन्याय कारी को सजा देना वाला भी कोई प्रधान मंत्री हुवा है इस देशमें | धन्यवाद के साथ महेन्द्रपाल आर्य = 11 /5 /19 =