सरकार इन विश्वविद्यालय को बंद करें |

सरकार इन विश्वविद्यालयों को बन्द करें ||
पढने के लिए विश्वविद्यालय हैं, या राजनीती का अखाडा ?
यह बात सम्पूर्ण भारत वासियों को सोचना चाहिए, की हमारा पैसा सरकार किनके पीछे खर्च कर रही है ?
 
सरकार को चाहिए की हमारे अनुदान से जो बच्चे पड़ते हैं अगर वह भारतीयता के बजाय भारत विरोधी आवाज़ उठाये हमारे अनुदान से पढ़ कर, तो ऐसों को हम क्यों खिलाएं ? या किसलिए पालें ? जो हमारे महापुरुषों को गाली दे |
 
इन JNU -जामे मिल्लिया, अलीगढ़ – और बंगाल का जादवपुर = इन चारों को बिलकुल बंद करदेनी चाहिए |
 
इस में बढ़ने वाले विद्यार्थों से कश्मीर का क्या सम्पर्क और स्वम्वंध है ? इनके आन्दोलन जब फीस बढ़ने के कारण था तो उसमें कश्मीर का क्या संपर्क है ?
 
न जाने किस माँ बाप ने ऐसे बच्चों को शिक्षा दी की पढने के बजाय जिस थाली में खाव उसे ही छेद करो यह कौन सा संस्कार उन्हें घरसे देकर भेजा ?
इन्हों ने अपने बच्चों को पढने के लिए भेजा या फिर सरकार चलाने वालों को अस्थिर करने या उन्हें पढ़ाने के लिए भेजा है ?
 
रही बात धरना देने वालों की यह लोग भी अनाधिकार चेष्टा कर ने लगे हैं – यह कह रहे हैं सरकार का कोई मंत्री आकर हम लोगों से बात करें तब रास्ता खाली करेंगे |
मैं पूछना चाहता हूँ यह हैं कौन इस बात को कहने वाले इन्हें यह अधिकार किसने दिया है ? चुने हुए लोग सरकार चलाएंगे अथवा यही लोग ?
 
मुझे हैरानी है की जो सरकार चुटकी में 3 तलाक और 370 को हटा सकती है – कश्मीर से पत्थर मारना बन्द करा सकती है – उसी सरकार आज सड़क से लोगों को हटा नहीं पा रही है ? यह तो हास्यस्पद बात हो गई | दिल्ली हाईकोर्ट के कहने पर भी रास्ता खाली न करवा पाना यह सख्ती न वरतने के कारण यह धरना पर बैठे हैं | सरकार को चाहिए की अपने पुलिस वालों से इनके पिछले हिस्से को डंडे से बिलकुल लाल करवा देना |
 
बड़े से बड़े ठीक हो जाते हैं तो यह कीड़े मकोड़े क्या हैं सरकार के सामने मुठ्ठी भर लोग सम्पूर्ण भारत को अस्थिर करें क्या यह सहन करने वाली बातें हैं ?
 
सरकार अविलम्ब इसे अंजाम दें वरना जितना समय इन्हें दिया जायगा उतने ही राजनीती अखाडा बनाने लगेंगे लोग -रोजाना कांग्रेसी नेता -बामपंथी नेता – जय भीम वाले नेता यह सब आते रहेंगे – इसी लिए जहाँ तक हो सके जल्द से जल्द इस भीड़ को हटाया जाय = यहाँ लोगों ने सड़क पर खाना बनाने और परोसने का काम चालू कर दिया है – कहाँ से आ रहा है यह पैसा इसका भी पता लगाना सरकार का काम है – सब को यथा शक्ति दंड दिया जाय | जितना देर लगायेंगे उतना ही काम बिगड़ता जायेगा | भारत वासियों इसपर विचार करें = महर्न्द्रपाल आर्य -16 /1/20