1 जनवरी 20 21 का विशेष लेख |

आज 1 जनवरी 21 का विशेष लेख – मुझे इस्लाम में लौटने की दावत ||
उन्हें मेरी तरफ से लिखा गया जवाब, कृपया आप सभी को पूरा पढ़ना चाहिए |
कुछ भी हो मुश्फिक मियां काफी दिनोमे मुझे याद करते हुए लिखा की महेंद्र पाल जी से सादर निवेदन करता हूँ की आप पुनःइस्लाम में लौट आयें ?
आपअपनी अंतरात्मा से पुछ लिजिये,कई बार हम अपनी जज्बात के भाव में यह कह देते हैं जो नहीं कहना,चाहिए,अब निचे कोई समीर सोनी, जो नकली नाम हैं,उनहोंने लिखा कि आपके अब्बू दयानन्द ने सत्यार्थ प्रकाश में गप्प मारी है, फिर उमर नामी किसी ने लिखा खूब पर्दा फाश किया |
इनसब को मै ,,,एकसाथ ज़वाब दे रहा हूँ | बन्धुओं आजका मानव कहलाने वाले सब पढ़े लिखे कहलाते हैं, और इस का मकसद बुद्धिमान बनना ही है | तो इस्लाम के मानने वाले बुद्धिमान कहलाने लायेक है या नहीं जरा विचार करें |
इन लोगो की बात है की महेन्द्र पाल कुरान को गलत पढ़ रहे हैं, और हम लोग इसको सब ज़गह दिखायेंगे, यह जो दिखाराहे हैं पहली बात है की जो कुरान मैंने पढ़ी या सुनाई वह कुरान में है या नहीं ? अगर कुरान में है तो गलती मेरी नहीं कुरान की ही है, कारण अगर कुरान में न होती तो मेरेलिए बताना भी संभव नहीं था, इसी तर्क ने दिल्ली हाईकोर्ट से सत्यार्थ प्रकाश पर प्रतिबन्ध लगाने की बजाय हमें जीत दिल्वादी |
दूसरी बात है की मुश्फिक ने मेरे से विनम्र निबेदन किया इस्लाम में लौटने की | मैंने इनके निबेदन को प्रथम से ही तो स्वागत कर रहा हूँ की आप मेरेसे युक्ति और प्रमाण के साथ कुरान को कलामुल्लाह प्रमाणित करदें या करवादें तो आप का यह अनुरोध मुझे स्वीकार है |
कई वर्षों से सिर्फ जुबानी जमा खर्च में हम लोग किसलिए लगे हैं ? यह काम तो सबसे पहले कर लेनी चाहिए था | आप को पता है की महेन्द्र पाल जैसे विद्वान हमारे घर वापस आजायें तो हम और अनेक काम कर सकते हैं ?
तो आप बिना स्वार्थ सिर्फ अपनी कौम, को बदनामी से बचाने केलिए, की जो छिछालेदर कुरान की अल्लाह की और इस्लाम की हो रही है महेन्द्र पाल के द्वारा वह बन्द होजाये ? सर मुझ से यही उम्मीद आप रखते हैं या नहीं अपने दिलमे हाथ रख कर बता ना ?
अब यह देखें की मै वापस आ भी गया तो कुरान पर मेरे जो सवाल हैं उसका समाधान तो हुवा ही नहीं ,तो फिर कुरान को मेरे लिए मानना संभव कैसा होगा ? फिर अगर मै कुरान के खिलाफ बोल रहा हूँ तो मुझे लेकर आप करेंगे क्या ?
हां ज़रूर प्रचार में नहीं निकलना पड़े उसकी इन्तेजाम ही करेंगे ? फिर आपलोग सत्य को न मान कर असत्य के तरफदारी कर मेरे द्वारा सत्य का प्रचार को रोकना चाहते तो यह मानवता विरोधी है ?और नवाब ,मोईन और आपकी टीम आपके कश्मीर से बिहार और बंगाल तक के जो मेरे खिलाफ यानि सत्य के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं उसका क्या करेंगे ?और अगर मै इस्लाम के विरोधी हूँ तो मुझे अपने में मिलाना किसलिए चाहते ? यह बात तो सब संदेह के घेरे में हैं, और आप लोग अपने आपमें यह भी सिद्ध कर रहे हैं की आप लोग जो कर रहे हैं वह कोरा झूठ है, फिर आपकी टीम जो सीना जोरी कर रही है वह भी अपने आपमें मिथ्या प्रमाणित हो गया |
समीर जो कह रहा है या दिखा रहे हैं दयानन्द जो मेरे अब्बू है वह सत्यार्थ प्रकाश में मन्त्र है ही नहीं जो मेरे अब्बुने प्रमाण दिया है ? इस गधे को यह मालूम ही नहीं की सत्यार्थ प्रकाश कोई कलामुल्लाह नहीं , उसे इन्सान ने लिखा है इंसानी पुस्तक में कमी होना रहना स्वाभाविक है | पर आप यह तो बताव की कुरान को तुम कलामुल्लाह कहते हो तो उसमे कमी रहना क्यों और कैसे संभव है ?
और मैंने यह कहा भी की इस मन्त्र को मै उसी यजुर्वेद से ही दिखा दूंगा तुम अकल के दुश्मनों को वेद से क्या वास्ता ? इसलिए मै कहरहा हूँ कुरान पर मेरे उठाये जो सवाल है पहले उसका समाधान दो अगर बात खरा उतरती है कोई और सही जवाब मिल जाता है तो मै ही नहीं अनेकों को मै मनवा दूंगा कुरान को |
और अगर इसमें आप लोग रूचि नहीं रखते पब्लिक में आना नहीं चाहते तो जरुर सत्य से आप लोग दूर हैं| हां एकबात और भाई मुश्फिक जी जिसप्रकार मेरे से निबेदन कर रहे हैं ? क्या आप को यह नहीं पता की मुझे गुमराह करने वाला भी वही अल्लाह ही है, कि जिसने इब्लीस की फटकार को सहन किया |
और आपने ही लिखा है की हज़रत आदम भी अल्लाह्के रास्ते से भटक गये थे, और आप की ही मान्यता है की अल्लाह जो चाहता है वही होता है जो नहीं चाहता नहीं होता ,तो आदम के गुमराह होने में भी अल्लाह का हाथ है जो आपने माना है ?
फिर मुझसे प्रार्थना करना फुजूल है ,आप को चाहिए उसी अल्लाह से आप लोग मिल कर कहें की महेन्द्र पाल इस्लाम को आफत में डाल दिया ,अल्लाह आप उन्हें इस्लाम की ओर लौटा दें | फिर हो सकता है की मै आप की प्रार्थना पर विचार करू |
यह है उमर का पर्दा फाश, आयें सत्य और असत्य का निर्णय लें हम. आप लोग इस्लाम का झूठा फ़साना को छोड़ इनसान कहलायें ,खुद शांति से रहें औरों को भी शांति से रहने दें |
मेरे दिए गए यह जवाब जो सत्य पर आधारित है इसे झूठलाने की ताक़त न कुरान को है और न इस्लाम को, कारण यह जो मै तथ्य दे रहा हूँ यही तो कुरान का है | इस दशा में मुश्फिक जी आप हों या आपके पालतू सब मिलकर यह बताएं की गुमराह ,करने वाला अल्लाह नहीं है ? या फिर रास्ता भटकाने वाला अल्लाह नहीं ?
जब आप के कुरान ही सवालों में घिरा पड़ा है तो आप लोग दुगले पन की बात करेंगे उस से बाहर आप जा ही नहीं सकते ?
उसी दुगले पनको चरितार्थ ही तो कर रही है आप की टीम, जो आपने IRF से हट कर अपनी टीम बनाई है ,तो वही काम आपके गुरु भी तो कर रहे हैं की जिस IRF से आपने अपने को अलग किया है |
चलो आप अगर चाहते हैं की हमें इंसानियत से मतलब है ,तो मै आप से यही गुजारिश करूँगा की हमें पहले जानना होगा इंसानियत क्या है ? जो पाठ सिर्फ हमारे अब्बू नहीं बल्कि मानवता के अब्बुने सबको पढाया ,तो उमर हो या समीर आप सभी अपने अब्बुको भूल रहे हैं ,आयें मै मिलवा देता हूँ अप के अब्बुजी के विचारों को आप लोग जिसे नहीं जानते है | ,महेन्द्र पाल आर्य ,,,वैदिक प्रवक्ता ,,,,,,,,,1 जनवरी 2021