articles

articles

|| अल्लाह जैसा मूसा का कोई खास रिश्तेदार || मानव कहलने वालों क्या परमात्मा किसी से बात कर सकते हैं ? पर देखें तामाशा अल्लाह का,मूसा ने अल्लाह से कही

|| कुरआन की शुरुयात ही गलत है || ऋषि दयानन्द जी ने इस भेद को खोला इससे पहले भी बहुत लोगों ने कुरान ईश्वरीय ना होने का प्रमाण दिया है,

|| सभी आर्य जन इसे जरुर पढ़ें || आप सभी को पता है की हमारे भारत में इस्लाम को लेकर कहीं कुछ बात होती है, तो यहाँ के मुसलमान हायतौबा

|| जय श्रीराम कहना पाप नहीं है || यह शब्द अभिवादन में प्रयोग नहीं होता, यह शब्द है श्रीराम जी की मर्यादा में उनकी जय हो यह दर्शाता है |

|| आर्य कहलाने वालों के लिए एक निष्पक्ष विचार || आर्य जनों से मेरी विनती है, की कल व्हाट्स पेज वैदिक सत्य में किसी ने डाला था की अग्निवेश नामी

||इस्लामी आलिमों से पूछते हैं सवाल || इस्लामी यालिमों का मानना या कहना है की अल्लाहताला ने अपनी कलाम जो कुरान है उसे आसमान से उतारी | और अपने रसूल

सत्य के साथ कुरान या कुरान वालों का कोई वास्ता नहीं इस्लाम वालों की मान्यता कुरान कलामुल्लाह है, अर्थात अल्लाह की कही हुई, या अल्लाह ने बताया अल्लाह ने सुनाया

अब मुश्किल है ईसाइयों का पाखण्ड का चलना | धर्म प्रेमी सज्जनों हमारे भारत में मुसलमानों, और ईसाइयों ने अपनी सारा कारोबार कोई किसी को मुसलमान बनाने में, और कोई

|| अल्लाह का अमानवीय उपदेश दो आयात ही पर्याप्त है || जब एक दुसरे को मारने के लिए प्रेरणा देने पर वह दोषी है तो कुरान क्यों नहीं ? कुरआन

|| कला मुल्ला नहीं प्रमाण कुरान ही है || दुनिया में मानव कहलाने वाले अपने अक्ल के लिए मानव कहलाये, तो क्या अक्लसे काम लेना है अथवा अकल पर ताला