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भारत भर से काले नॉटऔर कालाबाज़ारी पकडे जा रहे हैं, देख कर भी सांसदों का विरोध देश हितमें नहीं, भारतवासियों को चाहिएअपना नेता देशभक्त कौन है और देश विरोधी कौन

सभी सांसद आज जनता के खुन चूस कर लोकसभा व राज्यसभा का आनंद ले रहे हैं,उ0प्र0 के चुनाव में इन सांसदों को जनता अपनी ताकत जरूर दिखादें। भारतीय लोकतंत्र में

लोकसभा चलने का विरोध कर रहे हैं नोटों के कारण, सभी विरोधी दल के नेता कह रहें हैं की भारत की जनता इस नोट बदली से परेशान है | और

काला धन के रूप में नोटों की गड्डी और सोना बरामद हो रही है,जो काम राष्ट्रहित में है इससे बंगालवाले ना खुश सरकार का विरोध मटका लेकर जूलुस । नोट

अम्बेडकर की नकारात्मक सोचने हिन्दुओं को बांटा | हम भारतियों ने सत्य को जानने का प्रयास ही नही किया, सत्य को अपनाना तो बहुत दूर की बात है | हम

मानव होने के नाते पहला कर्तव्य है धर्म पर आचरण करना जो मानव मात्र का एक है, दूसरा है राष्ट्र सेवा,तीसरा है प्राणी मात्र का कल्याण करना,यहीहैमानवता। धरती पर प्रत्येक

शाबादअहमद को अजान तर्क का जवाब =महेन्द्रपाल आर्य | मेरे भोले भाईयों इसे ही तो अंध विश्वास कहते हैं | रही बात आस्था की = तो आस्था से धर्म का

अपने ही देश में काला धन इतने मिलते जा रहे हैं जो, मात्र नोट बदलाव का नतीजा है। यह देशहित का काम हुवा है, इसका विरोध करनेवाले नेता देशप्रेमी हैं

क्या यही ईश्वरीय ज्ञान है ? धरती पर जितने भी मत पंथ हैं, सब की अपनी अपनी धर्म पुस्तकें भी हैं, किसी का कुरान है, किसीका बाईबिल है, किसीका पूराण

बांग्लादेश बार्डर में किसप्रकार कांटा तारसे हिफाजत | मैं बांग्लादेश बार्डर पर वेद प्रचार के लिये गया था यहाँ वेद प्रचार कार्य ना के बराबर है गिने चुने ही लोग