सरकार को संविधान सिखाने का दुःसाहस करते लोग

भारत सरकार को चाहिए इन्हें भारत से बाहर का रास्ता दिखाए, जो लोग बार-बार यह कह रहे हैं कि भारत के सविंधान का उलंघन हुआ है – और इसे स्वयं सरकार ने ही संशोधन बिल द्वारा अंजाम दिया है। ऐसा कथन करने वाले लोग अपने आप को संविधान के विषय में सरकार से अधिक जानकार मानते हैं। जो लोग जन्म से ही भारत विरोधी गतिविधियों में सलग्न और भारत विरोधी मानसिकता रखने वाले हैं। वही लोग सरकार को कानून बता रहे हैं, यह सचमुच महा अन्याय है। .

निरंतर कई दिनों से सरकार को कानून और संविधान सिखाने का दावा करते लोग खुद भारत के विरुद्ध अपनी मानसिकता को पालते हैं और सरकार को ज्ञान दे रहे हैं!!!! इन लोगों की मानसिकता कितनी भारत विरोधी है, इसका प्रमाण मैं सलग्न दोनों पत्रों से प्रस्तुत कर रहा हूँ – इनमे एक पत्र पर मुसलमान ई-बरेली लिखा है और नीचे लिखा है मदीना मस्जिद = मैं पूछना चाहता हूँ इन देश के गद्दारों से कि इस मस्जिद का नाम भारती मस्जिद क्यों नहीं!?? इसका प्रमाण यही है कि तुम अरब पंथी हो। भारत में रहकर जब भारतीयता तुम्हें स्वीकार नहीं है – तो भारत के लोग तुम मदीना-पंथी लोगों को स्वीकार किस लिए करेंगे ? दोनों ही पत्र इस्लामिक संगठन वालों का ही है। भारत वासियों आप लोग भी जरा देखें इन भारत विरोधियों को।

महेन्द्रपाल आर्य (13/12/2019)