ऋषि दयानंद सरस्वती जी ने अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश को लिखने में ना मालूम, कितने और किन किन पुस्तकों का अवलोकन किया होगा | और.नाजाने कितनी रातें विताये होंगे चिन्तन,

  اِنَّ رَبَّكُمُ اللّٰهُ الَّذِيْ خَلَقَ السَّمٰوٰتِ وَالْاَرْضَ فِيْ سِتَّةِ اَيَّامٍ ثُمَّ اسْتَوٰى عَلَي الْعَرْشِ يُغْشِي الَّيْلَ النَّهَارَ يَطْلُبُهٗ حَثِيْثًا   ۙ وَّالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ وَالنُّجُوْمَ مُسَخَّرٰتٍۢ بِاَمْرِهٖ  ۭاَلَا لَهُ الْخَلْقُ وَالْاَمْرُ 

सुबह एक खुश खबरी आप सभी मित्र मण्डली को देता हूँ, आप सभी देख और सुनरहे हैं हर TV चेनल से ले कर प्रायः अखबारों में इस समय धर्मान्तरण पर

भारत वासियों के मेहनत की कमाई से भारत सरकार उन देश द्रोहियों को पालते आ रही है जो हमारे देश के खिलाफ नारा लगारहे हमारे सैनिकों को मार रहे।  

|| एक विशेष जानकारी || सभी धर्मप्रेमी सज्जनों को और राष्ट्र भक्तों को सूचित करते मुझे ख़ुशी हो रही है, की आज प्रायः तीस {30} वर्षों से मै निरन्तर सत्यसनातन