मानव समाज इस पर चिन्तन क्यों नही करते ? परमात्मा की सृष्टि में, न मालूम कितने ही प्राणी हैं,सब अपने अपने कर्मों के अनुसार, ही योनी को प्राप्त किया है

मुझे गर्व है  की मैं पाखण्ड को छोड़ प्रकाश में आया || आर्य कहलाने वालो ध्यान से सुनना मेरी बात यदिवा मै अपनी पुस्तक में लिखा हूँ फिर भी आप

|| सत्य का ग्रहण असत्य का त्याग ही मानवता है || सुविज्ञान चिकितुषे जनाय सच्चासच्च वचसि पस्पृधाते | तयोर्यत्सत्यं यतरद्रिजियः तदित्सोमो अवति हन्त्सयात || [अथर्व- ८|४|१२] सुविज्ञान – उत्तम श्रेष्ठ

https://youtu.be/Vo8VODZRJ2E आज की चर्चा धर्म पर है- cc अलग हैआखिर सच क्या है ?

धर्म का आचरण क्यों और किनके लिए ? अब तक आप लोगों ने यह देखा की धर्म और धर्मग्रन्थ क्या और किसे कहा जाता है किसे मानना चाहिए का एक

आर्य जनों को विशेष सुचना || कल 5 सितम्बर 21 को रात 8 बजे स्ट्रीमयाड पर लाइव आ रहा हूँ, आप लोगों से आग्रह है की जरुर भाग ले कर