|| कुरआन की शुरुयात ही गलत है || ऋषि दयानन्द जी ने इस भेद को खोला इससे पहले भी बहुत लोगों ने कुरान ईश्वरीय ना होने का प्रमाण दिया है,

https://www.youtube.com/watch?v=qnubmFxYdDQhttps://www.youtube.com/watch?v=qnubmFxYdDQ

|| सभी आर्य जन इसे जरुर पढ़ें || आप सभी को पता है की हमारे भारत में इस्लाम को लेकर कहीं कुछ बात होती है, तो यहाँ के मुसलमान हायतौबा

मानव मात्र का लक्ष्य ईश्वर सानिध्य, अब ईश्वर को बिने जाने उसका सानिध्य लाभ करना संभव नहीं | वह ईश्वर नहीं हो सकता जो किसी के पारिवारिक झगड़े मिटाए –

|| जय श्रीराम कहना पाप नहीं है || यह शब्द अभिवादन में प्रयोग नहीं होता, यह शब्द है श्रीराम जी की मर्यादा में उनकी जय हो यह दर्शाता है |