कृष्णमिश्र मैं तुम्हारा कोई भी बहाना बाजी सुनना नहीं चाहता तुम्हें यह सिद्ध करना होगा की दयानन्द पाखण्डी कैसे थे ? जिस ऋषि ने मुझ जैसे एक बड़ी मस्जिद के

|| कुरान हरमुल्क वालों का नहीं सिर्फ मक्का वालों का || दुनिया बनाने वाले परमात्मा ने अपनी रचना में मानव को उत्कृष्ट प्राणी बताया, अफज़लुल मखलुकत कहा है | मानव

क्या यही ईश्वरीय ज्ञान है ? धरती पर जितने भी मत पंथ हैं, सब की अपनी अपनी धर्म पुस्तकें भी हैं, किसी का कुरान है, किसीका बाईबिल है, किसीका पूराण

क्या यही ईश्वरीय ज्ञान है ? धरती पर जितने भी मत पंथ हैं, सब की अपनी अपनी धर्म पुस्तकें भी हैं, किसी का कुरान है, किसीका बाईबिल है, किसीका पूराण