आर्य समाज के संस्थापक ऋषि दयानन्द ने अपने कालजयी ग्रन्थ सत्यार्थ प्रकाश के अन्तमें स्वमंताव्यामंताव्य्प्रकाश: में क्या लिखा है आर्य कहलाने वालो कभी पढ़ कर देखा भी ? ऋषि लिखते

इस देश का नाम आर्यवर्त था है, और रहेगा, जिसका प्रमाण हमारे ऋषि और मुनियों ने अनेक बार अनेक प्रकार से दिया है | ऋषि दयानन्द जी ने भी अपने



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मौलाना साजिद रशीदी को पंडित महेंद्र पाल आर्य जी के द्वारा जवाब और इस्लाम पर डिबेट का चैलेंज

मुस्लिम नरनारी तीन तलाक के विरोध में कोलकता से दिल्ली तक |

वेद ही ईश्वरीय ज्ञान क्यों वेद में मिलावट संभव क्यों नहीं ?

कुवां अन्य के गिरने को खोदते हैं लोग, गिरते खुद है |

दुनिया वालों बाईबिल में अकल का प्रयोग हुवा या नहीं देखें |

ऋषि दयानन्द का अनुसरण ही राष्ट्र को दिशा दे सकता है |

ईश्वरीय ज्ञान की कसौटी पर डॉ0 जाकिर नाईक के पुस्तक का दिया गया जवाब | VDO

कौन थे वह ऋषि जिन्हीं ने मानव मात्र को 5 महायज्ञ करना बताया |

कौन थे वह ऋषि दयानन्द जिन्हें लोग नहीं जानते ?

बंगला भाषियों के प्रार्थना पर धर्म और मत में भेद को बताया गया, बंगला में =

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