विद्या के कारण तत्वदर्शी परमात्मा द्रष्टा भारत के ऋषि मुनियों का देंन है इसलिए दार्शनिक आज भी इस देशको अध्यात्मिकता में विश्व गुरु कहा।   एक तरफ तो अध्यात्मिकता की

मानवों में धर्म,अर्थ,काम,और मोक्ष,यह चार प्रधान है, पशुओ में,काम,और अर्थ है वह धर्म नहीं जानता,माता व् पिता को नही,मानव मात्र का धर्म एक है। मानव लिखते पढ़ते हैं इन्हीं बातों

धर्म प्रेमी सज्जनों यह वीडियो पहले का है जो कुल्ले ईमान वाले एकशिया मुस्लिम को जवाब दिया था | इसको इस लिये लगाया अभी हैयद्राबाद के सूफी आइयुब शाह के

प्रश्न है, की मुहर्रम सिर्फ बंगाल में मनाये जाते हैं,अथवा सम्पूर्ण देशमें,तो बंगाल में ही यह परेशानी किस लिये ? पहले हम जानते हैं मुहर्रम को, क्या है यह मुहर्रम