क्या गंगा नहाने से, पाप धुलजाते हैं,क्या पाप पहले शारीर से करते हैं या मन से,मन को तो धोया नहीं तो शारीर धोने से शारीर के मैल धुले पाप नहीं।

मोहनदास कर्मचाँदगांधी हिन्दू मुस्लिम एकताके कारण अगर कुरान का पाठ हिन्दू मंदिरों में किया,ठीक उसी प्रकार गीता का पाठ भी मस्जिद करके दिखाते । एक बार गीता हाथ में लिए

आचार्य अशोक पाल 4 hrs · मैं क्या कहूं??? महाशयजी ने सत्यार्थ प्रकाश रक्षार्थ बड़े संघर्ष किये हैं| आज भी कर रहे हैं| स्तुतीय है| हम आज इनके पुत्रवत् सत्यार्थप्रकाश

हरीश रावत जीऑफिस के समय पूजा ही नही | हरीशरावत ने सभी धर्मवालों को नमाज और पूजा करने की अवकाश देनेकी घोषणा की हैं,क्या इस्लाम अपने को छोड़ किसी और

नमाज पढ़ना निजी लाभ है, उसमें सरकारी समय लेना राष्ट्र के साथ धोखा है | दुनिया वालों जरा विचार करें नमाज पढ़ना हो पूजा करनी हो यह सब किसलिए करते