अल्लाह कि मर्जीअब भारतियों के साथ हाफिज सयीद का इंशाअल्लाह {अल्लाह ने चाहा} क्या यह मानवीय कार्य अल्लाह का हैं? इमरान खान भी यही कहा,= मोदी को हम बताएंगे,इंशाअल्लाह =यही

हमारी मान्यता सबसे प्रीति पूर्वक धर्मानुसार यथायोग्य वर्तना चाहिए,भारत ने प्रीती, कपड़ों से मिठाइयों सेऔर धर्म भी बतादिया,यही बचा था जो हुवा | हम महात्मा गाँधी के देश के ज़रूर

आज सम्पूर्ण दुनिया को पता है कि पाकिस्तान किस प्रकार गलती कर भी मानने को तैयार नही और सीना जोरी करते हुए बार बार अल्लाह का दुहाई दे रहा है