लोकसभा चलने का विरोध कर रहे हैं नोटों के कारण, सभी विरोधी दल के नेता कह रहें हैं की भारत की जनता इस नोट बदली से परेशान है | और

काला धन के रूप में नोटों की गड्डी और सोना बरामद हो रही है,जो काम राष्ट्रहित में है इससे बंगालवाले ना खुश सरकार का विरोध मटका लेकर जूलुस । नोट

अम्बेडकर की नकारात्मक सोचने हिन्दुओं को बांटा | हम भारतियों ने सत्य को जानने का प्रयास ही नही किया, सत्य को अपनाना तो बहुत दूर की बात है | हम

मानव होने के नाते पहला कर्तव्य है धर्म पर आचरण करना जो मानव मात्र का एक है, दूसरा है राष्ट्र सेवा,तीसरा है प्राणी मात्र का कल्याण करना,यहीहैमानवता। धरती पर प्रत्येक

शाबादअहमद को अजान तर्क का जवाब =महेन्द्रपाल आर्य | मेरे भोले भाईयों इसे ही तो अंध विश्वास कहते हैं | रही बात आस्था की = तो आस्था से धर्म का

अपने ही देश में काला धन इतने मिलते जा रहे हैं जो, मात्र नोट बदलाव का नतीजा है। यह देशहित का काम हुवा है, इसका विरोध करनेवाले नेता देशप्रेमी हैं