ऋषि दयानन्द की मान्यता है सत्य बोलना, औरों से बुलवाना , असत्य छोड़ना, औरों से भी छुड़वाना | इस कार्य को करने में कितना ही दारुण कष्ट भी सहना पड़े

|| देवता और राक्षस में भेद क्या है, जग के सामने प्रस्तुत है || प्रधानमंत्री जी के महानतम कार्य से भी नेताओं को शिक्षा लेनी चाहिए, वाराणसी में रहकर भी

https://www.youtube.com/watch?v=2D7CYEIWlr4&t=342s| Pt Mahendra Pal Arya Ko Muh Todh Jawab Part 2 “Quran Hi Saare Dharm Granthon Ka Sardar Hai” यह सूफी साहिबों का कहना है की कुरान सारे धर्म ग्रन्थों