ऋषि के मंतव्य क्या है सुनिए

      || ऋषि के मन्तव्य क्या है सुनिए ||
ऋषि दयानन्द की मान्यता रही असत्य को छोड़ना औरों से भी छुड़वाना है , यह कार्य ऋषि के सिवा किसी ने नहीं किया | अपने आप में असत्य को कोई छोड़े तो बड़ी बात है, किन्तु देव दयानन्द का कहना और मानना है खुद तो असत्य को छोड़ें,औरों से भी असत्य को छुड़वाना ही मानवता है | यह विचार मैंने सुनाया मध्यप्रदेश भोपाल के निकट, आर्य समाज बैरसिया में, 2017 को
https://www.youtube.com/watch?v=zdFI2Y6vd_k&feature=youtu.be



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